Bhajanlal Sharma vs Ashok Gehlot: राजस्थान की राजनीति में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मंगलवार को जोधपुर के सरदारपुरा स्थित गोल बिल्डिंग चौराहे पर ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित सभा में सीएम भजनलाल ने कांग्रेस और गहलोत पर तीखे हमले किए। उन्होंने कांग्रेस पर अराजकता, परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के आरोप लगाए। इसके जवाब में गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री से अपने आरोपों के तथ्य और दस्तावेज सार्वजनिक करने या 24 घंटे में माफी मांगने की मांग की।

भजनलाल बोले- चुनाव हारने पर EVM पर उठाते हैं सवाल

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पूरे देश में अराजकता फैलाने का काम कर रही है। जहां चुनाव जीतती है, वहां ईवीएम सही होती है और जहां हार जाती है, वहां ईवीएम पर सवाल उठाने लगती है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के समय कांग्रेस सेना पर सवाल उठाती है और एसआईआर के दौरान चुनाव आयोग को निशाना बनाती है।

सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का जनता से संपर्क टूट चुका है। वह परिवारवाद की राजनीति से बाहर नहीं निकल पा रही है। देश में परिवारवाद की राजनीति खत्म होनी चाहिए।

‘कांग्रेस चाहती है कि बांग्लादेश से घुसपैठिए आते रहें’

गोल बिल्डिंग चौराहे पर सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अभी एक-दो राज्यों में दिखाई दे रही है, लेकिन आने वाले समय में वहां भी नजर नहीं आएगी। उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए आरोप लगाया कि सरकार घुसपैठियों को देश से बाहर निकालना चाहती है, जबकि कांग्रेस उन्हें बुलाना चाहती है।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि बांग्लादेश से घुसपैठिए आते रहें और पाकिस्तान से आतंकवाद चलता रहे। उन्होंने विपक्ष पर देश की अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।

आपातकाल और अनुच्छेद 356 का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के पुराने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि आज लोकतंत्र की बात करने वाली पार्टी का इतिहास भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अनुच्छेद 356 का दुरुपयोग कर कई विपक्षी सरकारों को बर्खास्त किया और देश में आपातकाल लागू कर नागरिकों के अधिकार छीन लिए।

सीएम ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं के फैसले जब कांग्रेस के पक्ष में नहीं आते, तब उन पर सवाल उठाए जाते हैं। न्यायपालिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर कांग्रेस किस संवैधानिक संस्था को स्वीकार करती है?

तीन बार के मुख्यमंत्री को कांग्रेस की रैली में नहीं मिला भाषण का मौका

भजनलाल शर्मा ने अशोक गहलोत पर व्यक्तिगत निशाना साधते हुए कांग्रेस की हालिया रैली का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रैली में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को भाषण देने का मौका मिला, लेकिन तीन बार मुख्यमंत्री रह चुके अशोक गहलोत को मंच से बोलने का अवसर नहीं दिया गया।

सीएम ने कहा कि कांग्रेस में अब गहलोत की नहीं चल रही है। उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि उन्हें भोला समझने की गलती नहीं करनी चाहिए। वह विधानसभा में भी कह चुके हैं कि कोई भी हो, ब्याज सहित हिसाब चुकाएंगे।

खाद-बीज और किसानों के मुद्दे पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने गहलोत के परिवार और पुराने कारोबार का जिक्र करते हुए खाद-बीज की दुकान से जुड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि वह किसान के बेटे हैं और किसानों की परेशानी समझते हैं। सीएम ने आरोप लगाया कि गहलोत के लिए किसान कमाई का जरिया थे और नकली खाद-बीज से किसानों को नुकसान पहुंचाया गया।

उन्होंने गहलोत के भाई के गोदाम पर छापे का भी जिक्र किया। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से तत्कालीन उपमुख्यमंत्री को लेकर इस्तेमाल किए गए शब्दों पर भी सवाल उठाए।

पूर्व OSD और पेपर लीक मामले को लेकर भी उठाए सवाल

सभा में मुख्यमंत्री ने गहलोत के पूर्व ओएसडी और उनके कार्यकाल से जुड़े कुछ लोगों का नाम लेकर सवाल उठाए। उन्होंने शशिकांत और राजकुमार यादव का जिक्र करते हुए पेपर लीक गिरोह से कथित संबंधों को लेकर आरोप लगाए।

सीएम ने जोधपुर में रिश्तेदारों को लीज देने और परिवार को फायदा पहुंचाने के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। हालांकि, ये सभी आरोप मुख्यमंत्री की ओर से सभा में लगाए गए।

गहलोत बोले- 24 घंटे में आरोपों के दस्तावेज दें या माफी मांगें

मुख्यमंत्री के आरोपों पर अशोक गहलोत ने एक्स पर पोस्ट कर जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि जोधपुर में भजनलाल शर्मा ने बिना तथ्यों के अनर्गल बातें कहीं, जिससे उन्हें पीड़ा पहुंची है।

गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाकर एक कपोल-कल्पित कहानी प्रचारित की है। उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री अपने आरोपों का विस्तृत विवरण तथ्यों और दस्तावेजों के साथ उन्हें और प्रदेश की जनता के सामने रखेंगे। ऐसा नहीं होने पर 24 घंटे के भीतर माफी मांगनी चाहिए।

अनंता रिजॉर्ट मामले में गहलोत ने CM की भूमिका पर उठाए सवाल

गहलोत ने अपने पलटवार में अनंता रिजॉर्ट को दिए गए विशेष पैकेज का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वह उम्मीद कर रहे थे कि मुख्यमंत्री मीडिया में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव रहे आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल पर विला खरीद को लेकर लग रहे आरोपों और इस मामले में मुख्यमंत्री की भूमिका पर स्थिति स्पष्ट करेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि अनंता कंपनी को विशेष छूट देने का फैसला जिस निवेश बोर्ड की बैठक में हुआ, उसके अध्यक्ष खुद मुख्यमंत्री हैं। ऐसे में इस फैसले में उनकी क्या भूमिका रही?

गहलोत ने यह भी पूछा कि मुख्यमंत्री इस मामले की जांच अपने अधीन आने वाली भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से कराने के बजाय केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को क्यों नहीं सौंप रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के अधीन आने वाली एजेंसी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुए बोर्ड के फैसले की निष्पक्ष जांच कैसे कर पाएगी?

इस तरह जोधपुर की सभा से शुरू हुआ राजनीतिक हमला अब आरोप-प्रत्यारोप के साथ अनंता रिजॉर्ट मामले तक पहुंच गया है। एक तरफ मुख्यमंत्री ने गहलोत के पुराने कार्यकाल और कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाए, तो दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के सबूत मांगते हुए सरकार से अनंता रिजॉर्ट मामले में जवाब मांगा है।

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