कुंदन कुमार, पटना। चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में न्याय मिलने में हो रही देरी को लेकर परिजनों ने ‘भरत तिवारी संघर्ष वाहिनी’ नामक संगठन का गठन किया है। संगठन का मुख्य उद्देश्य भरत तिवारी को न्याय दिलाने के साथ-साथ अन्य प्रताड़ित और पीड़ित लोगों की मदद करना है। राजधानी पटना में आज गुरुवार (29, अक्टूबर) को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में संगठन की घोषणा की गई। इस दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने संगठन के अध्यक्ष के रूप में अजीत सिंह के नाम की घोषणा की।
मां आशा देवी बोलीं- आज भी उन्हें न्याय की आस
संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आशा देवी ने कहा कि उनके पुत्र के मामले में उन्हें आज भी न्याय की आस है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद न्याय का आश्वासन मिला था, लेकिन आश्वासन के महीनों बाद भी दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। उन्होंने घोषणा की कि न्याय की इस लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए ‘भरत तिवारी संघर्ष वाहिनी’ संगठन का गठन किया गया है, जिसके अध्यक्ष अजीत कुमार बनाए गए हैं। यह संगठन भरत को न्याय दिलाने के साथ-साथ अन्य पीड़ित परिवारों की भी मदद करेगा।
संगठन अध्यक्ष ने कही ये बात
वही संगठन के अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि, न्याय मिलने में देरी हो रहा है, तो न्याय मिलने में देरी अन्याय के समान होता है। इसलिए हम लोगों ने मिलकर यह संगठन बनाया है। मैं शुरू से ही इस परिवार के साथ खड़ा हूं। यह संगठन सिर्फ भरत तिवारी के लिए नहीं, बल्कि पूरे ऑल इंडिया में जहां कहीं भी किसी परिवार के साथ अन्याय होगा, वहां सहयोग करेगा।
सीएम से फिर मुलाकात करेंगी मां आशा देवी
वही भरत तिवारी की मां आशा देवी ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रहे हैं। मामले में सिर्फ पूछताछ हो रही है, लेकिन उसका कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल रहा है। उन्होंने कहा कि वह न्याय के लिए फिर से मुख्यमंत्री से मिलेंगी और न्याय की गुहार लगाएंगी।
गौरतलब है कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में 17 जून 2026 को हुए कथित एनकाउंटर में भरत तिवारी को पुलिस की गोली लग गई थी, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
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