Bharatpur Deeg Congress: नगर निकाय चुनाव के नतीजों के बाद Bharatpur Deeg Congress में टिकट वितरण को लेकर विवाद बढ़ गया है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विश्वेंद्र सिंह ने डीग कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी पर निशाना साधते हुए पांच वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों को मिले वोटों का जिक्र किया है।

विश्वेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि गलत टिकट वितरण के कारण इन वार्डों में पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। उनके बयान के बाद राजस्थान युवा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष यशवीर सूरा ने पलटवार करते हुए विश्वेंद्र सिंह की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

विश्वेंद्र सिंह ने गिनाए पांच वार्डों के आंकड़े

विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि डीग जिला अध्यक्ष ने डीग के 40 वार्डों में से पांच वार्डों में टिकट वितरण किया। उनके मुताबिक इन पांचों वार्डों में कांग्रेस प्रत्याशियों का प्रदर्शन खराब रहा। विश्वेंद्र सिंह ने अपनी पोस्ट में प्रत्याशियों को मिले वोटों का आंकड़ा भी साझा किया। उनके अनुसार वार्ड नंबर 1 से कांग्रेस प्रत्याशी हेमराज सैनी को 243 वोट मिले। वहीं वार्ड नंबर 10 से प्रियकेश को 14 वोट, वार्ड नंबर 12 से बच्चू सिंह मीणा को 56 वोट, वार्ड नंबर 34 से राजेंद्र प्रसाद को 86 वोट और वार्ड नंबर 37 से सोहन लाल भारती को 10 वोट मिले। विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि इन नतीजों पर मंथन करने के बजाय डीग जिला अध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष की प्रशंसा कर रहे हैं।

यशवीर सूरा ने विश्वेंद्र सिंह पर किया पलटवार

विश्वेंद्र सिंह के आरोपों के बाद राजस्थान युवा कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष यशवीर सूरा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भरतपुर-डीग में कांग्रेस की हार की पूरी जिम्मेदारी जिलाध्यक्षों पर डालना आसान है, लेकिन जिम्मेदारी तय करने से पहले अपनी भूमिका पर भी जवाब देना चाहिए। सूरा ने भरतपुर नगर निगम का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी विचित्रा सिंह का नामांकन वापस हुआ और इसके बाद भाजपा की अनुराधा सिंह निर्विरोध मेयर बनीं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 36 निर्दलीय पार्षद मौजूद थे और मुकाबले की संभावना थी, तब भाजपा के निर्विरोध मेयर बनने की स्थिति कैसे बनी।

डीग-कुम्हेर को लेकर भी उठाया सवाल

यशवीर सूरा ने डीग-कुम्हेर विधानसभा क्षेत्र को लेकर भी विश्वेंद्र सिंह से सवाल किया। उन्होंने कहा कि यह विश्वेंद्र सिंह का अपना विधानसभा क्षेत्र है और वहां भी कांग्रेस निकाय स्तर पर अपना बोर्ड नहीं बना सकी। सूरा ने सवाल उठाया कि अगर हार की जिम्मेदारी जिलाध्यक्षों की तय की जा रही है तो वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक के रूप में विश्वेंद्र सिंह की भूमिका पर सवाल क्यों नहीं होना चाहिए।

एक दिन पहले भी विश्वेंद्र सिंह ने साधा था निशाना

विश्वेंद्र सिंह ने इससे एक दिन पहले भी सोशल मीडिया पर दो पोस्ट किए थे। इनमें उन्होंने भरतपुर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा, डीग कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजीव चौधरी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को निशाने पर लिया था। एक पोस्ट में उन्होंने भरतपुर-डीग कांग्रेस की हार के लिए दोनों जिलाध्यक्षों पर चहेतों को टिकट देने और वास्तविक कार्यकर्ताओं को दरकिनार करने का आरोप लगाया था। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा था कि दोनों जिलाध्यक्षों के पद पर रहते कांग्रेस का उठना मुश्किल है।

डोटासरा पर भी लगाए थे गंभीर आरोप

दूसरी पोस्ट में विश्वेंद्र सिंह ने गोविंद सिंह डोटासरा के परिवार और रिश्तेदारों से जुड़े RAS चयन को लेकर कई आरोप लगाए थे। उन्होंने इंटरव्यू में समान अंक मिलने और OBC प्रमाणपत्र के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की थी। इन आरोपों पर इस खबर में संबंधित पक्ष का स्वतंत्र जवाब उपलब्ध नहीं है। आरोपों को विश्वेंद्र सिंह के सोशल मीडिया पोस्ट के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

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