Bhilwara Murder Case: राजस्थान के भीलवाड़ा शहर में 72 वर्षीय कमला देवी कांकरिया की हत्या के मामले में पुलिस की जांच कई अहम पहलुओं पर केंद्रित है। पुलिस के अनुसार, वीर सावरकर चौक क्षेत्र में रहने वाली कमला देवी के लापता होने के बाद जांच शुरू हुई और अब इस मामले में रवि तापड़िया व हीरा सिंधी समेत आरोपियों की भूमिका सामने आई है। करीब 25 लाख रुपये के सोने के जेवर और नकदी की लूट के एंगल से जांच कर रही पुलिस ने कोठारी नदी में महिला के अवशेष तलाशने के लिए सर्च अभियान भी चलाया।

छत पर शव जलाने और सबूत मिटाने की कोशिश का आरोप

जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, कमला देवी की हत्या के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर शव को मकान की छत पर जला दिया। दुर्गंध छिपाने के लिए लकड़ियों के साथ हवन सामग्री और घी का इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस को भ्रमित करने के लिए छत और गलियारे में सीमेंट व रंग-रोगन किए जाने का भी आरोप है।

पुलिस के अनुसार, हड्डियों और अन्य अवशेषों को बोरी में भरकर कोठारी नदी में फेंक दिया गया। इन्हीं अवशेषों की तलाश के लिए पुलिस और गोताखोरों की टीम ने नदी में अभियान चलाया।

कोठारी नदी में अवशेषों की तलाश

27 अक्टूबर को सुबह करीब 11 बजे पुलिस आरोपी रवि को लेकर पालड़ी पुलिया पहुंची। पुलिस उपाधीक्षक सज्जन सिंह और भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी की मौजूदगी में टीम ने आरोपी की निशानदेही पर नदी में अवशेष तलाशे। अभियान के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

नदी में तलाशी के दौरान अवशेषों की बरामदगी को लेकर दी गई जानकारी में कोई अंतिम पुष्टि नहीं है। ऐसे में जांच और सर्च अभियान से जुड़े निष्कर्ष सामने आने का इंतजार है।

लापता होने से गिरफ्तारी तक, ये है घटनाक्रम

कमला देवी के लापता होने से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी तक पुलिस ने कई तारीखों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

  • 12 अक्टूबर: CCTV फुटेज में शाम 7:56 बजे रवि बाइक पर कमला देवी को ले जाता दिखाई दिया।
  • 13 अक्टूबर: खाना बनाने पहुंचीं रतन देवी को कमरे पर ताला लगा मिला।
  • 14 अक्टूबर: रतन देवी दोबारा पहुंचीं। कमरा नहीं खुलने पर उन्होंने बहू रविना को सूचना दी।
  • 15 अक्टूबर: रविना वीर सावरकर चौक पहुंचीं और थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
  • 24 अक्टूबर: पुलिस ने पहली बार आरोपी रवि से पूछताछ की।
  • 26 अक्टूबर: पुलिस ने रात में रवि और हीरा को गिरफ्तार किया।
  • 27 अक्टूबर: पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर कोठारी नदी पहुंची और अवशेषों की तलाश की।

पुलिस को मकान से मिले अहम साक्ष्य

पुलिस के मुताबिक, जांच का दायरा बढ़ने पर मुख्य आरोपी रवि तापड़िया भीमगंज थाने पहुंचा। उसने कथित तौर पर दावा किया कि वह 12 अक्टूबर को कमला देवी को बड़ी पुलिया के पास छोड़कर चला गया था। हालांकि, एफएसएल और एमओबी की टीमों ने उसके मकान से साक्ष्य जुटाए, जिनकी जांच की जा रही है।

पुलिस अब इन साक्ष्यों को घटनाक्रम और आरोपियों के बयानों से जोड़कर देख रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्या और लूट की वारदात में किसकी क्या भूमिका रही।

जेवर आपस में बांटने का आरोप, किराएदार की भूमिका भी जांच में

पुलिस जांच के अनुसार, रवि तापड़िया और हीरा सिंधी समेत चार लोगों की भूमिका सामने आई है। आरोप है कि वारदात के बाद लूटे गए हार, चूड़ियां, नथ और कड़े आपस में बांट लिए गए। हालांकि, सभी आरोपों की पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है।

पुलिस के मुताबिक, रवि के खिलाफ अलग-अलग थानों में कई मामले दर्ज हैं। जांच में उसके द्वारा कुछ मकानों पर कब्जा किए जाने की बात भी सामने आई है। घटना स्थल के मकान से जुड़े पहलुओं के साथ किराएदार की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

कमला देवी की हत्या के मामले में अब पुलिस के सामने अवशेषों की तलाश, जुटाए गए साक्ष्यों की जांच और सभी संदिग्धों की भूमिका स्पष्ट करने की चुनौती है। जांच के नतीजों से ही यह साफ हो सकेगा कि वारदात की पूरी साजिश कैसे रची गई और उसमें कौन-कौन शामिल था।

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