​आरा। भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में कथित पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। युवक की मौत के बाद भड़के ग्रामीणों ने गुरुवार को आरा-बक्सर फोरलेन को छह घंटे तक जाम रखा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निहत्थे होने और सरेंडर करने के बावजूद पुलिस ने भरत को जानबूझकर गोली मारी। बढ़ते विवाद और प्रशासनिक चूक को देखते हुए डीआईजी ने थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

​एनकाउंटर के बाद ग्रामीणों का भारी आक्रोश

​प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि भरत तिवारी ने हथियार फेंककर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। परिजनों के अनुसार, पुलिस ने उसे करीब से चार गोलियां मारीं, जो सीधे जांघ के ऊपर लगीं। लोगों का कहना है कि यदि वह अपराधी भी था, तो पुलिस को उसे काबू में करने के अन्य विकल्प अपनाने चाहिए थे। हाईवे पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प भी हुई, जिसके बाद पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। भारी तनाव के बीच आखिरकार परिजनों ने महुली घाट पर अंतिम संस्कार संपन्न किया।

​थानाध्यक्ष सहित तीन पर गाज

​शाहाबाद डीआईजी डॉ. सत्यप्रकाश ने भोजपुर एसपी की अनुशंसा पर शाहपुर थानाध्यक्ष राजेश कुमार मलाकार, एक एएसआई और एक सिपाही को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि थानाध्यक्ष की घोर लापरवाही के कारण स्थिति अनियंत्रित हुई। यदि समय रहते पुलिस बल द्वारा बेहतर रणनीति अपनाई जाती, तो युवक को जीवित काबू में किया जा सकता था।

​क्या है पूरा मामला?

​घटना की पृष्ठभूमि बाढ़ राहत कार्यों को लेकर उपजे विवाद से जुड़ी है। ग्रामीणों का आरोप है कि भरत तिवारी प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावितों की अनदेखी से नाराज था। परिजनों का दावा है कि सोमवार को पुलिस ने उसके घर पहुंचकर परिजनों को धमकी दी थी, जिससे भरत आक्रोशित हो गया। इसी हताशा में वह पिस्टल लेकर सामने आया।
​मंगलवार को जब पुलिस दोबारा पहुंची, तो भरत ने पिस्टल तान दी। बुधवार की सुबह जब पुलिस ने उसके घर की घेराबंदी की, तो वह छत पर चढ़कर फेसबुक लाइव करने लगा। इस दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग भी की। इसके बाद वह बाइक से दो किलोमीटर दूर बाढ़ प्रभावितों के बीच पहुंचा जहां फिर से पुलिस और उसके बीच आमना-सामना हुआ। परिजनों के मुताबिक, फेसबुक लाइव बंद करने से ठीक पहले उसने अपना हथियार फेंककर सरेंडर करने की घोषणा की थी, लेकिन इसके बावजूद उसे गोली मार दी गई। फिलहाल, मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।