लखनऊ. आजाद समाज पार्टी (ASP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर प्रदेश के पीएसी (प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी) जवानों की समस्याओं को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने आरोप लगाया है कि कई पीएसी कैंपों में तैनात जवान बिजली, पानी, शौचालय और बेहतर आवास जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं.
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PAC जवानों की समस्याओं को लेकर उठाई आवाज
चंद्रशेखर आजाद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उत्तर प्रदेश के कई जिलों से पीएसी जवानों ने उनसे संपर्क कर अपनी परेशानियां बताई हैं. जवानों का कहना है कि कई जगहों पर उन्हें खराब हालत वाले कैंपों और टपकते टेंटों में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि जो जवान दिन-रात प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था संभालते हैं, उन्हें ही सम्मानजनक जीवन की मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलना चिंता का विषय है.
सरकार से कैंपों के निरीक्षण की मांग
आजाद ने उत्तर प्रदेश सरकार से प्रदेश के सभी पीएसी कैंपों का निरीक्षण कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि सरकार को बिजली, स्वच्छ पेयजल, बेहतर आवास, शौचालय और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर सुरक्षा बलों को ही सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ेगा तो कानून व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावों का क्या मतलब रह जाता है.
PAC की भूमिका और जिम्मेदारियां
प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी यानी PAC उत्तर प्रदेश का विशेष सशस्त्र पुलिस बल है. इसका गठन कानून व्यवस्था बनाए रखने, दंगा नियंत्रण, बड़े आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था और वीआईपी सुरक्षा जैसे कार्यों के लिए किया गया है. पीएसी जवानों की तैनाती राज्य के अलग-अलग जिलों में होती है और वे मेलों, त्योहारों तथा संवेदनशील परिस्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
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1940 में हुई थी PAC की स्थापना
उत्तर प्रदेश में पीएसी की स्थापना वर्ष 1940 में हुई थी. द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान आंतरिक सुरक्षा के लिए गठित पुलिस बल को बाद में विस्तार दिया गया और 1948 में उत्तर प्रदेश सैन्य पुलिस तथा राज्य सशस्त्र पुलिस को मिलाकर प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी का गठन किया गया. फिलहाल चंद्रशेखर आजाद के आरोपों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है.


