लखनऊ. पेपर लीक मामले को लेकर हुए आंदोलनों और देशभर में चर्चा में आए Gen-Z आंदोलन के बाद अब कर्मचारी संगठनों में भी नई ऊर्जा देखने को मिल रही है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत पूरे प्रदेश में कर्मचारी संगठनों की बैठकों का दौर शुरू हो गया है. चुनावी माहौल को देखते हुए कर्मचारी संगठन अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तैयार कर रहे हैं. कई संगठन मिलकर संयुक्त मंच बनाने की तैयारी में जुट गए हैं.
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पुरानी पेंशन को लेकर 21 अगस्त को निकलेगी तिरंगा यात्रा
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर ATEWA (All Teachers and Employees Welfare Association) ने बड़ा आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है. संगठन की ओर से 21 अगस्त को पूरे प्रदेश में तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी. इस यात्रा में शिक्षक और अन्य कर्मचारी शामिल होंगे. संगठन का कहना है कि पुरानी पेंशन का मुद्दा कई राज्यों में चुनावी परिणामों को प्रभावित कर चुका है. अटेवा के प्रवक्ता डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि तिरंगा यात्रा के बाद 25 सितंबर को लखनऊ में देशव्यापी बड़ी रैली आयोजित की जाएगी.
निकाय कर्मचारियों ने भी तेज किया आंदोलन, 10 सूत्रीय मांगें रखीं
उत्तर प्रदेश स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ ने भी सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने की तैयारी कर ली है. महासंघ ने आरोप लगाया है कि वर्षों से कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है. संगठन के प्रदेश अध्यक्ष शशि कुमार मिश्र ने नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत और जलकल कर्मचारियों से एकजुट होने की अपील की है.
प्रमुख मांगों में सेवा नियमावली लागू करना, दैनिक संविदा सफाई कर्मियों का विनियमितीकरण, वेतन विसंगति दूर करना, कैशलेस इलाज, पुरानी पेंशन बहाली और मृतक आश्रितों को नियुक्ति देना शामिल है.
सोशल मीडिया से लेकर मैदान तक, आंदोलन की तैयारी में जुटे संगठन
कर्मचारी संगठनों ने आंदोलन को धार देने के लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लेना शुरू कर दिया है. कई कर्मचारी नेता वीडियो संदेशों के जरिए अपनी मांगों को उठा रहे हैं. वहीं, WhatsApp और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर AI की मदद से पोस्टर और प्रचार सामग्री तैयार कर अभियान चलाया जा रहा है. संगठनों का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है.
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‘वोट की चोट करेंगे’, संयुक्त मंच बनाने की तैयारी
उत्तर प्रदेश मिनिस्टिरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सरकारें वोट से डरती हैं और कर्मचारी अब अपनी मांगों को लेकर वोट के जरिए जवाब देने की तैयारी में हैं. वहीं, उत्तर राज्य कर्मचारी महासंघ ने भी बड़े आंदोलन की घोषणा की है. संगठन की ओर से 22 और 23 अगस्त को लखनऊ में अधिवेशन और 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है. कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन अब केवल मांगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कर्मचारियों के भविष्य और अधिकारों की लड़ाई बनेगा.


