प्रयागराज. सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण मामले (Saharanpur Mosque demolition) में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की अगुवाई वाली सिंगल बेंच में सुनवाई होगी. कलेक्ट्रेट स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण पर सवाल उठ रहे हैं. बिना कानूनी प्रक्रिया ध्वस्तीकरण का गंभीर आरोप लगाया जा रहा है. वर्शिप एक्ट को दरकिनार करने का भी आरोप लगाया गया है. जिला प्रशासन की कार्रवाई को गैरकानूनी बताया जा रहा है. इस बीच मस्जिद कमेटी के मुतवल्ली ने मामले को लेकर याचिका दाखिल की थी. जिसमें राज्य सरकार और जिला प्रशासन को पक्षकार बनाया गया है.
बता दें कि कलेक्ट्रेट परिसर में 5 सितंबर को मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी. करीब 16 घंटे तक बुलडोजर चलाकर मस्जिद ढहाई गई और रविवार सुबह तक मलबा हटाया गया. प्रशासन का कहना था कि कार्रवाई कोर्ट के आदेश के बाद की गई. वहीं मस्जिद पक्ष का आरोप है कि उसे हाईकोर्ट में अपील का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया. मस्जिद पक्ष ने कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात कही थी.
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वहीं इस घटना के बाद राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई. सोमवार (7 सितंबर 2026) को समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और एआईएमआईएम से जुड़े प्रतिनिधियों के सहारनपुर पहुंचने की बात सामने आई है. एक ही दिन में विपक्षी दलों के कई नेताओं के पहुंचने से पुलिस-प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है. सपा ने सहारनपुर के लिए 22 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित किया. प्रतिनिधिमंडल मंडलायुक्त और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करेगा. पार्टी नेताओं का कहना है कि वे मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और उससे जुड़े प्रशासनिक व न्यायिक कदमों की जानकारी लेंगे. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल अपनी रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश कार्यालय को सौंपेगा.



