संजय पाटीदार, भोपाल। राजधानी भोपाल के प्रतिष्ठित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्वास्थ्य और प्रबंधन सेवाएं एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार अस्पताल के नर्सिंग और हाउसकीपिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। यह पूरा मामला भोपाल के अपर कलेक्टर मनोज वर्मा के परिवार से जुड़ा हुआ है।
निजी वार्ड का शुल्क देने के बाद भी नहीं मिलीं बुनियादी सुविधाएं
भोपाल के अपर कलेक्टर मनोज वर्मा की 79 वर्षीय सास ललिता सिन्हा हिप फ्रैक्चर के बाद एम्स के प्राइवेट वार्ड में भर्ती हैं। परिजनों का आरोप है कि निजी वार्ड का पूरा शुल्क चुकाने के बावजूद मरीज को समय पर बुनियादी देखभाल और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, डायपर बदलने के लिए मांगे अलग से पैसे
परिजनों का कहना है कि वार्ड के हाउसकीपिंग स्टाफ ने बुजुर्ग मरीज का डायपर बदलने से साफ मना कर दिया और इस काम के लिए अलग से पैसों की मांग की। स्टाफ के इस अड़ियल रवैये के बाद परिवार को मजबूरी में एक निजी केयरटेकर रखना पड़ा। परिजनों के मुताबिक मरीज के मल त्याग करने के बाद काफी देर तक कोई भी सफाईकर्मी अटेंड करने नहीं आया। इस अव्यवस्था के कारण बुजुर्ग मरीज को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और डॉक्टरों की सलाह के बावजूद वे समय पर भोजन भी नहीं कर सकीं।
अपर कलेक्टर ने बताया कि इमरजेंसी या जरूरत पड़ने पर नर्सिंग स्टाफ को कई-कई बार घंटी बजाकर बुलाना पड़ता है, जिसके बाद 15 से 20 मिनट की देरी से सहायता उपलब्ध होती है।
डॉक्टरों से शिकायत नहीं, व्यवस्था में संवेदनशीलता जरूरी: अपर कलेक्टर
अपर कलेक्टर मनोज वर्मा ने इस मामले पर मीडिया से चर्चा करते हुए स्पष्ट किया कि उन्हें एम्स के डॉक्टरों के इलाज या उनके व्यवहार से कोई शिकायत नहीं है। उनकी आपत्ति केवल नर्सिंग और हाउसकीपिंग की ढर्रे पर चल रही व्यवस्था को लेकर है।
अपर कलेक्टर मनोज वर्मा का कहना है कि ऑपरेशन के बाद भर्ती बुजुर्ग मरीजों की साफ-सफाई और सही देखभाल करना पूरी तरह अस्पताल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। इस तरह के संवेदनशील काम में कर्मचारियों द्वारा तत्परता और मानवता दिखाई जानी चाहिए।
एम्स प्रबंधन का पक्ष: ‘अब तक नहीं मिली लिखित शिकायत’
इस पूरे विवाद पर एम्स भोपाल के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) विक्रम भट्टी ने अस्पताल का पक्ष रखते हुए कहा कि जैसे ही यह मामला संज्ञान में आया, प्रबंधन ने तत्काल मरीज के परिजनों से संपर्क किया था। PRO भट्टी ने कहा कि परिजनों से दोपहर में ही बातचीत कर आग्रह किया गया था कि यदि उनके साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही, अभद्रता या पैसों की मांग की गई है तो वे इसकी एक लिखित शिकायत दर्ज कराएं।
हालांकि अस्पताल प्रशासन को अभी तक इस मामले में परिजनों की तरफ से कोई भी लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि लिखित शिकायत मिलते ही मामले की तत्काल निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m

