शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने मास्टर प्लान 2047 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है लेकिन इसे लेकर कई वर्गों में नाराजगी देखी जा रही है। व्यापारियों के बाद अब किसान इस प्लान से नाराज हैं। इसी कड़ी ने उन्होंने टीएनसीपी दफ्तर पहुंचकर विरोध जताया। उन्होंने इसमें बदलाव की मांग की और चेतावनी दी कि अगर मास्टर प्लान में बदलाव नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
भारतीय किसान संघ के बिना तले आज राजधानी भोपाल में प्रदर्शन हुआ। इस दौरान बड़े तालाब के कैचमेंट में आने वाले क्षेत्र को लेकर सवाल उठाया और कहा कि 100 ज्यादा गांव को बड़े तालाब के कैचमेंट में लाया गया जिसे हटाया जाए।
उमंग सिंघार बोले- आम लोगों की राय से बने मास्टर प्लान
मास्टर प्लान के ड्राफ्ट का विरोध होने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि किसी भी शहर का मास्टर प्लान आम लोगों की राय से बनना चाहिए। आम लोगों को दावे आपत्ति करने के लिए समय सीमा कम क्यों रखी है। सरकार दावे आपत्तियों का मौका क्यों नहीं देना चाहती है। क्या सरकार शहरों के मास्टर प्लान को लेकर गड़बड़ियां कर रही है? मुख्यमंत्री को संज्ञान लेना चाहिए, अधिकारियों से बात करनी चाहिए। अगर किसान व्यापारी या आम लोग शहर के विकास की बात करना चाहता है तो उसकी बात सुनी जानी चाहिए।
वहीं बीजेपी नेता अजय सिंह यादव का कहना है कि भोपाल के समुचित विकास को लेकर यह मास्टर प्लान लाया जा रहा है। इसी क्रम में कुछ किसान व्यापारी कुछ विषयों को लेकर दावे आपत्ति जता रहे हैं। सरकार उनके विषय पर संज्ञान लेगी और यथा संभव उनका निराकरण भी किया जाएगा। किसी के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। एमपी सरकार 2047 के विकसित भारत की संकल्पना की ओर आगे बढ़ रही है।
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