संजय पाटीदार, भोपाल। एमपी पर्यटन विकास निगम का इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटिलिटी, ट्रेवल एंड टूरिज्म स्टडीज भोपाल के भदभदा रोड पर साल 2008 में इस मकसद से शुरू किया गया था कि युवाओं को पर्यटन, होटल मैनेजमेंट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए तैयार किया जा सके। शुरुआती दौर में संस्थान में विद्यार्थियों ने दाखिला लिया… ट्रेनिंग हुई… लेकिन समय के साथ प्रवेश लगातार कम होते गए। 

साल 2018 में यहां BBA के पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए। इनमें पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और होटल मैनेजमेंट से जुड़े पाठ्यक्रम शामिल थे। इसके बावजूद पिछले करीब तीन साल से प्रवेश प्रक्रिया के बाद भी विद्यार्थियों की संख्या शून्य रहने की बात सामने आई है। हर साल एडमिशन के लिए प्रक्रिया और प्रचार प्रसार तो होता रहा लेकिन संस्थान की कक्षाओं में छात्रों की कमी दूर नहीं हो सकी।

सबसे बड़ा सवाल अब सरकारी संसाधनों और संस्थान के भविष्य को लेकर है। विद्यार्थियों की संख्या शून्य होने के बावजूद स्टाफ और संस्थान से जुड़े खर्च जारी हैं। छात्रों की ओर से पढ़ाई और रोजगार के अवसरों को लेकर सवाल उठाए जाने की बात भी सामने आती रही है। इसी चुनौती के बीच संस्थान में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। तत्कालीन डायरेक्टर डॉ. नीलिमा वर्मा के कार्यकाल के बाद अब नए डायरेक्टर पी. के. सिन्हा की नियुक्ति की गई है 

पर्यटन निगम पहले ही संस्थान को बंद करने के बजाय इसे हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के फिनिशिंग स्कूल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम करने की बात कह चुका है। फैकल्टी और स्टाफ की बात करें तो संस्थान में 3 शिक्षक और 1 संचालक कार्यरत हैं। इसके अलावा 3 प्यून, 3 सुरक्षाकर्मी और 2 कंप्यूटर ऑपरेटर भी तैनात हैं। यानी विद्यार्थियों की संख्या भले ही बेहद कम या शून्य हो लेकिन संस्थान में स्टाफ की व्यवस्था बनी हुई है। हालांकि संस्थान में वर्तमान में करीब 10 विद्यार्थी अंतिम वर्ष यानी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में अध्ययनरत हैं… लेकिन पिछले तीन वर्ष से एक भी छात्र ने कॉलेज में दाखिला नहीं लिया। कांग्रेस प्रवक्ता स्वदेश शर्मा का कहना है कि सरकार संस्थान तो खोलती हैं लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में ध्यान नहीं देती।

वहीं भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव का कहना है कि सरकार ने पर्यटन के क्षेत्र में बच्चों को विशेषज्ञ अध्ययन का अवसर देने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी, ट्रेवल एंड टूरिज्म स्टडीज बनाया है। शिक्षकों की भर्ती भी की गई है। छात्रों की संख्या में कमी होना यह निरंतर प्रक्रिया है। जल्द ही संस्थान की ओर छात्रों का रुझान बढ़ेगा। कांग्रेस केवल नकारात्मक राजनीति करती है, उसके शासन में पर्यटन और ऐसे संस्थानों का नाम तक नहीं था। यह संस्थान तेजी से आगे बढ़ेगा।

वर्ष 2012 में भदभदा रोड पर 1.28 करोड़ रुपए की लागत से एक आलीशन इंस्टीट्यूट का निर्माण किया गया। इसी इंस्टीट्यूट में वर्ष 2018 से यूजी  कोर्स शुरू किए गए। इसमें बीबीए के अंतर्गत टूरिज्म, हॉस्पिटिलिटी और होटल मैनेजमेंट शुरू किया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पहले साल यानी वर्ष 2018-19 में 60 सीटों के विरुद्ध कुल 9 स्टूडेंट ने एडमिशन लिया। वर्ष 2019-20 में 120 सीटों में से 53 पर, वर्ष 2020-21 में 160 में से 45 पर, 2021-22 में 120 में से 36 पर स्टूडेंट ने प्रवेश लिया था और अब पिछले तीन सालों से एक भी बच्चों ने प्रवेश कॉलेज में प्रवेश नहीं लिया। 

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