काशी हिंदू विश्वविद्यालय में मंगलवार को छात्र-छात्राओं ने प्रैक्टिकल परीक्षा की कॉपियों के दोबारा मूल्यांकन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. छात्रों ने परीक्षा में कम अंक मिलने का आरोप लगाया, जबकि चीफ प्रॉक्टर ने किसी छात्र से दुर्व्यवहार से इनकार किया है.

वाराणसी. काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार को छात्र-छात्राओं ने प्रैक्टिकल परीक्षा की कॉपियों की दोबारा जांच की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हाथों में पोस्टर लेकर अपनी मांगें रखीं. सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग के प्रोफेसर और शिक्षक मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत शुरू की.

छात्र-छात्राएं मंगलवार सुबह ही सेंट्रल कार्यालय पहुंच गए थे. प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने प्रैक्टिकल परीक्षा की कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन कराने की मांग उठाई.

कम अंक मिलने का आरोप

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रैक्टिकल परीक्षा 400 अंकों की होती है. छात्रों के मुताबिक, इस बार उन्हें 100 और 200 अंक मिले हैं, जबकि पिछली बार 350 और 200 से अधिक अंक मिले थे.

छात्रों ने इसी आधार पर प्रैक्टिकल परीक्षा की कॉपियों की दोबारा जांच कराने की मांग की. उनका कहना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया को फिर से जांचा जाना चाहिए.

छात्रों की तीन मांगें

प्रदर्शन के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपनी तीन प्रमुख मांगें बताईं. इनमें प्रैक्टिकल की कॉपियों की दोबारा जांच, जांच पूरी होने तक नए सत्र की फीस नहीं लेना और प्रैक्टिकल मूल्यांकन को दोबारा जांचना शामिल है.

भगत सिंह छात्र मोर्चा की एक छात्रा सदस्य ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने बताया कि वे प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में वहां पहुंची थीं और आरोप लगाया कि इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने उन्हें गेट से बाहर कर दिया.

भगत सिंह छात्र मोर्चा के सदस्य मुकेश ने कहा कि वे बीएफए छात्रों के समर्थन में प्रैक्टिकल कॉपियों के दोबारा मूल्यांकन की मांग को लेकर पहुंचे थे. उन्होंने भी इस दौरान उनके साथ बदसलूकी किए जाने का आरोप लगाया.

चीफ प्रॉक्टर ने कहा

मामले में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरिया ने कहा कि छात्र सेंटर ऑफिस पर प्रदर्शन कर रहे थे. उन्हें कार्यालय खाली करने के लिए पीछे किया गया था.

चीफ प्रॉक्टर ने किसी भी छात्र के साथ दुर्व्यवहार से इनकार किया. उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है.

“काशी हिंदू विश्वविद्यालय में मंगलवार को छात्र-छात्राओं ने प्रैक्टिकल परीक्षा की कॉपियों के दोबारा मूल्यांकन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. छात्रों ने परीक्षा में कम अंक मिलने का आरोप लगाया, जबकि चीफ प्रॉक्टर ने किसी छात्र से दुर्व्यवहार से इनकार किया है.”