भूपेश सरकार ने समझाया पैसे कमाने का फंडा, हो रही मोटी कमाई… आप भी समझे और कमाएं

दंतेवाड़ा. प्रदेश की भूपेश सरकार में अंडे का फंडा समझकर लाखों रुपए की कमाई करने वाले एक गरीब के जीवन से जुड़ी पूरी कहानी सामने आई है. इसमें गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले एक परिवार ने न केवल लाखों रुपए की कमाई की बल्कि उन्होंने अपने घर में ट्रैक्टर और अब कार भी खरीद ली है.

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 दंतेवाड़ा जिले के गीदम विकासखंड के ग्राम बड़े पनेड़ा के राखी राम नागेश पिता गुरु राम एक गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ग्रामीण हुआ करते थे. उन्हें पूना दंतेवाड़ा माड़ाकाल गरीबी उन्मूलन अभियान के तहत, कड़कनाथ कुकुट पालन योजना के अंतर्गत दो चरणों में 333-333 कड़कनाथ के चूजे और अंतिम चरण में अंडा उत्पादन हेतु 125 नग लेयर मुर्गी पशुधन विकास विभाग द्वारा प्रदान किया गया.

साथ ही उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया. जिससे उनके द्वारा कड़कनाथ कुक्कुटों के विक्रय से शुद्ध रूप से ढाई लाख रुपए की आय प्राप्त हुई. आर्थिक रूप से सशक्त होकर उनके द्वारा ट्रैक्टर एवं चार पहिया वाहन क्रय किया गया है जिससे उनके जीवन स्तर में बदलाव हुआ साथ ही सामाजिक आदर भी बढ़ा. योजना का लाभ लेकर नागेश ने उत्साह एवं खुशी जाहिर की है अब उनमें आत्मविश्वास भरपूर है. वर्तमान में लेयर फार्मिंग करते हुए उन्होंने बताया कि प्रति सप्ताह उनके द्वारा 25 हजार का अंडा विक्रय कर शुद्ध आय प्राप्त किया जा रहा है.

श्री नागेश को इस बात की भी खुशी है कि वे सुपोषण अभियान के अंतर्गत कुपोषित बच्चों एवं माताओं के लिए अंडे की आपूर्ति कर पा रहे हैं. वे शासन का बहुत धन्यवाद करते हैं, और शासन की योजनाओं का लाभ दूसरों को लेने के लिए प्रेरित करते हैं ताकि सभी सुपोषित हों और उनमे भी सामाजिक, आर्थिक बदलाव आ सके. जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ से कड़कनाथ कुक्कुट पालन एवं अंडा उत्पादन हेतु 100 हितग्राहियों, स्व-सहायता समूह को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य पशुधन विकास विभाग जिला दंतेवाड़ा को प्रदान किया गया था. जिसमें से कुल स्वीकृत 85 कड़कनाथ शेड्स पूर्णता स्तर की ओर अग्रसर है. योजना अनुसार प्रत्येक हितग्राही को 1000 कड़कनाथ चूजे तीन चरणों में 333, 333, 334 चूजे आवश्यक सामग्री वाटरर ,फीडरर वेइंग मशीन, दवाईयां एवं ग्रोथ प्रमोटर्स, वैक्सीन आदि सहित वितरण किया जाता है. वितरण कार्य से पूर्व हितग्राही को कुक्कुट पालन उत्पादन संबंधी प्रशिक्षण एवं आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए जाते हैं.

समय-समय पर क्षेत्रीय प्रभारी विभागीय पशु चिकित्सा अधिकारी, कर्मचारी द्वारा सतत मॉनिटरिंग एवं चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. योजना का उद्देश्य है कि गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले को आर्थिक रूप से स्वावलंबन की ओर अग्रसर किया जाए साथ ही जिले में कड़कनाथ मुर्गी पालन व्यवसाय को बढ़ावा दिया जाए, मांस उपलब्धता तथा अंडा उत्पादन को बढ़ावा दिया जा सके. जिससे जिले की दूसरे जिले या राज्यों से निर्भरता कम हो खपत के अनुसार आपूर्ति और स्कूल, आश्रम, छात्रावास, आंगनबाड़ी केंद्र, सुपोषण केंद्र, को भी जिले से ही अंडों की आपूर्ति हो सके.

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