रांची। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ रैली को लेकर झारखंड कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि रैली को लेकर जिलों में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। जिला प्रभारी और वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों से संवाद कर रहे हैं। रैली का आयोजन विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अभियान का हिस्सा है।
कांग्रेस ने SIR को लेकर उठाए सवाल
केशव महतो कमलेश ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मताधिकार से किसी भी पात्र नागरिक को वंचित किए जाने के प्रयास का विरोध करेगी।
उन्होंने संवैधानिक संस्थाओं के कथित राजनीतिक इस्तेमाल का भी आरोप लगाया और कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे। कांग्रेस ने बिहार और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
प्रदीप यादव बोले- SIR के जरिए नाम हटाने का आरोप
विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया का इस्तेमाल मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जा रहा है।
यादव ने महाराष्ट्र में 2024 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच मतदाताओं की संख्या में कथित 39 लाख के अंतर का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि छह महीने में इतनी बड़ी संख्या में मतदाता कैसे बढ़ गए। उन्होंने फॉर्म-6 के प्रारूप में बदलाव का भी दावा किया और कहा कि पहले यह चार पेज का था, जबकि अब आठ पेज का हो गया है।
CEC की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल
प्रदीप यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शामिल होते थे, जबकि बाद में मुख्य न्यायाधीश की जगह केंद्रीय कैबिनेट मंत्री को शामिल किया गया।
उन्होंने चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई। संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा, सोनाल शांति, उज्ज्वल तिवारी, अख्तर अली और राजन वर्मा समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने 1 नवंबर की रैली के लिए अनुमति दे दी है। रैली को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल SIR तथा मतदाता सूची से जुड़े अपने आरोपों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में हैं।

