रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के मेधा घोटाला मामले में सीआईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते, तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता समेत 12 आरोपितों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। कुल 97 पन्नों की इस चार्जशीट में इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ आरोपियों के बयान भी संलग्न किए गए हैं।

चार्जशीट के 14 पन्नों में जब्ती का ब्योरा

सीआईडी की ओर से दाखिल चार्जशीट में 14 पन्नों पर जब्त की गई वस्तुओं की सूची दी गई है। इसमें कुल 82 जब्तियों का विवरण शामिल है। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच के दौरान विभिन्न प्रकार के साक्ष्य जुटाए गए, जिनके आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई है।

CCTV फुटेज और कॉल डिटेल से जांच को मिली दिशा

सीआईडी ने अदालत को बताया कि परीक्षा केंद्रों की सीसीटीवी फुटेज और सफल अभ्यर्थियों तथा परीक्षा संचालन से जुड़े अधिकारियों के बीच बातचीत के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के विश्लेषण के आधार पर जांच की गई। इन साक्ष्यों को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया गया है।

जांच के दायरे में सफल अभ्यर्थी रवि कुमार, सेजल सेहरावत, विवेक कुमार और शालिनी राठी के परीक्षा केंद्र भी शामिल रहे। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में आगे की जांच के निष्कर्षों और इन अभ्यर्थियों की भूमिका के संबंध में पूरा विवरण नहीं है।