पटना। बिहार में टैक्सी सेवा के क्षेत्र में एक नई पहल शुरू होने जा रही है। राज्य के चार प्रमुख जिलों में 21 नवंबर से भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत होगी। पहले चरण में पटना, गया, वैशाली और मुजफ्फरपुर को शामिल किया गया है। इस सेवा के लिए ग्राहक ऐप का परीक्षण पूरा हो चुका है। खास बात यह है कि निजी टैक्सी कंपनियों की तुलना में भारत टैक्सी का किराया 10 से 15 प्रतिशत तक कम होगा। साथ ही बारिश, त्योहार या व्यस्त समय में भी किराया नहीं बढ़ेगा।
चालकों से नहीं कटेगा कोई कमीशन
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत चालकों को मिलने वाली कमाई है। निजी कंपनियां चालकों की कमाई से 10 से 15 प्रतिशत तक कमीशन काटती हैं, जबकि भारत टैक्सी में चालकों को अपनी कमाई का 80 से 100 प्रतिशत तक हिस्सा रखने का मौका मिलेगा। इसके लिए उन्हें मामूली दैनिक शुल्क देना होगा। तैयारियों की समीक्षा के लिए विश्वेश्वरैया भवन में बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता परिवहन सचिव राज कुमार ने की। बैठक में वाहन पंजीकरण, परमिट और आईटी प्लेटफॉर्म की तैयारियों की समीक्षा की गई। परिवहन सचिव ने सभी काम समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने बताया कि चालक संघों के सहयोग से ड्राइवरों को जोड़ा जा रहा है। भारत टैक्सी के सीईओ कर्नल हिमांशु के अनुसार, अब तक करीब 2,005 चालक इससे जुड़ चुके हैं।
निजी कंपनियों से कैसे अलग है भारत टैक्सी?
भारत टैक्सी सहकारिता आधारित सारथी-मालिक मॉडल पर काम करेगी। इसमें चालक केवल सेवा देने वाले कर्मचारी नहीं, बल्कि संस्था के सदस्य, साझेदार और अंशधारक भी होंगे। उन्हें प्रबंधन बोर्ड में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा।
यात्रियों को मिलेंगे ये विकल्प
ऐप के जरिए यात्री बाइक टैक्सी, ऑटो और 6-सीटर कैब बुक कर सकेंगे। इसमें लाइव लोकेशन ट्रैकिंग और पुलिस सहायता की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
महिलाओं को मिलेगा रोजगार, चालकों का बीमा भी
भारत टैक्सी से जुड़े चालकों को 5 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य बीमा और ई-श्रम पोर्टल से जुड़ी सुविधाएं मिलेंगी। महिलाओं के लिए ‘बाइक दीदी’ की व्यवस्था की जाएगी, जिससे स्थानीय महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

