पटना। बिहार में नई सरकार के गठन और पोर्टफोलियो आवंटन के बाद अब मंत्रियों के सरकारी ठिकानों की तस्वीर भी पूरी तरह साफ हो गई है। मुख्यमंत्री के मंत्रिमंडल में शामिल नए चेहरों को राजधानी पटना के सबसे पॉश इलाकों में बंगले आवंटित किए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार का नया आवास बना है।

​निशांत कुमार को मिला वीआईपी ठिकाना

​बिहार कैबिनेट में पहली बार शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को पटना का बेहद प्रतिष्ठित बंगला आवंटित किया गया है। उन्हें 2, देशरत्न मार्ग स्थित सरकारी आवास दिया गया है। स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग की जिम्मेदारी के साथ, इस वीआईपी बंगले का आवंटन राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।

​हार्डिंग रोड में मंत्रियों का नया जमावड़ा

​पटना की हार्डिंग रोड एक बार फिर सत्ता के गलियारों के रूप में सजने लगी है। यहां कई दिग्गज मंत्रियों को बंगले आवंटित हुए हैं:

  • ​मिथिलेश तिवारी (शिक्षा मंत्री): इन्हें 13, हार्डिंग रोड स्थित बंगला आवंटित किया गया है।
  • ​इंजीनियर शैलेंद्र (पथ निर्माण मंत्री): इन्हें 12, हार्डिंग रोड में नया ठिकाना मिला है।
  • ​नंदकिशोर राम (डेयरी एवं मत्स्य पालन मंत्री): इन्हें 21, हार्डिंग रोड आवंटित किया गया है।
  • ​बुलो मंडल (ऊर्जा मंत्री): शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल अब 33, हार्डिंग रोड से अपना कार्यभार संभालेंगे।

​गर्दनीबाग और अन्य क्षेत्रों का आवंटन

​कैबिनेट के कुछ अन्य साथियों को गर्दनीबाग स्थित आधुनिक डुप्लेक्स आवासों में जगह दी गई है। योजना एवं विकास मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा को गर्दनीबाग का डुप्लेक्स बंगला संख्या 13/20 मिला है, जबकि पर्यावरण एवं वन मंत्री रामचंद्रा प्रसाद को डुप्लेक्स बंगला संख्या 10/20 आवंटित किया गया है।

​अनुभव और सुविधा का तालमेल

​सरकार के इस निर्णय में अनुभव को भी प्राथमिकता दी गई है। जो नेता दोबारा मंत्री बने हैं, उन्हें उनके पुराने आवासों में ही रहने की अनुमति दी गई है, ताकि प्रशासनिक कार्य सुचारू रूप से चलते रहें। वहीं नए मंत्रियों के लिए जारी सूची ने वीआईपी इलाकों में गहमागहमी बढ़ा दी है। सरकार का मानना है कि यह आवंटन मंत्रियों की कार्यक्षमता और प्रशासनिक सुगमता को ध्यान में रखकर किया गया है।