पटना। ​बिहार में नई सरकार के गठन और कैबिनेट विस्तार के बाद मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों की कमान संभाल ली है। शुक्रवार को सचिवालय में गहमागहमी रही, जहां ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और मद्य निषेध जैसे महत्वपूर्ण विभागों के मंत्रियों ने पदभार ग्रहण करते ही अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं।

​ग्रामीण विकास: जीविका दीदियों को ₹2 लाख की सौगात

​ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कुर्सी संभालते ही महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि ‘जीविका दीदियों’ को जल्द ही सहायता राशि की दूसरी किश्त भेजी जाएगी। सरकार कुल ₹2 लाख का भुगतान पांच किश्तों में करेगी। इसके अलावा, जो दीदियां अपना स्वरोजगार शुरू करना चाहती हैं, उन्हें सरकार की ओर से ₹10 लाख तक की वित्तीय मदद दी जाएगी।

​स्वास्थ्य विभाग: निशांत कुमार की नई पारी

नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने पहली बार मंत्री के रूप में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभाली है। फिलहाल किसी सदन के सदस्य न होने के बावजूद उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। पदभार संभालते हुए उन्होंने विनम्रता दिखाई और कहा, “अभी मैं विभाग को जानूंगा और सीखूंगा, उसके बाद ही बड़े कदम उठाऊंगा।” उन्होंने अपने पिता के विजन को आगे ले जाने और बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का संकल्प लिया।

​अन्य विभागों में हलचल: शराबबंदी और राजस्व

  • ​मद्य निषेध विभाग: मंत्री मदन सहनी ने स्वीकार किया कि शराबबंदी के बावजूद अवैध बिक्री की खबरें हैं। उन्होंने इसे रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही।
  • ​राजस्व विभाग: दिलीप जायसवाल ने विभाग की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए काम शुरू किया।
  • ​शिक्षा विभाग: इस बार शिक्षा विभाग बीजेपी के कोटे में गया है, जिसकी कमान मिथिलेश तिवारी को सौंपी गई है।

​कैबिनेट का समीकरण

​गुरुवार को सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार हुआ था, जिसमें कुल 32 मंत्रियों ने शपथ ली। इस नई टीम में बीजेपी के 15, जेडीयू के 13, लोजपा (आर) के 2, हम (HAM) के 1 और आरएलएम (RLM) के 1 मंत्री शामिल हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गृह विभाग सहित 6 महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं, जबकि डिप्टी सीएम बिजेंद्र प्रसाद यादव को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है।