पटना। बिहार में आगामी जनगणना को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य में जनगणना की शुरुआत 10 जनवरी से होने जा रही है, जिसके तहत मकान सूचीकरण के बाद अब दूसरे चरण में व्यक्तियों की विस्तृत गणना की जाएगी। इस बार की जनगणना में प्रवासियों के ब्योरे से लेकर बेघरों की गिनती और नागरिकों से कुल 40 सवाल पूछे जाने तक कई अहम प्रावधान किए गए हैं। जनगणना के मद्देनजर राज्य में बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन भी 1 मार्च के बाद किए जाने का निर्णय लिया गया है।
जनगणना के मुख्य चरण और तिथियां
राज्य में जनगणना का कार्य विभिन्न चरणों में पूरा किया जाएगा:
- स्व-गणना (10 से 24 जनवरी): राज्य में 10 जनवरी से जनगणना शुरू होगी और पहले 15 दिनों (10 से 24 जनवरी तक) तक नागरिकों को ऑनलाइन स्व-गणना करने का मौका मिलेगा। स्व-गणना करने वाले लोगों को 12 अंकों की संदर्भ संख्या दी जाएगी, जिसके जरिए आंकड़ों का सत्यापन किया जाएगा।
- घर-घर सर्वेक्षण (25 जनवरी से 28 फरवरी): प्रगणक 25 जनवरी से 28 फरवरी तक घर-घर जाकर आंकड़े जुटाएंगे और सत्यापन का कार्य करेंगे।
- बेघर लोगों की गिनती (28 फरवरी): बेघरों की गिनती विशेष रूप से 28 फरवरी को शाम 6 बजे से रात 12 बजे के बीच की जाएगी। इनके ठहरने के स्थान प्रखंड व नगर अधिकारियों द्वारा पहले से ही चिन्हित किए जाएंगे।
- पुनरीक्षण और बोर्ड परीक्षाएं (1 मार्च के बाद): 1 से 5 मार्च तक पुनरीक्षण कार्य चलेगा। जनगणना के सुचारू संचालन को देखते हुए महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने राज्य में 1 मार्च से पहले बोर्ड परीक्षाएं न कराने का अनुरोध किया है, जिसके तहत अब परीक्षाएं 1 मार्च के बाद आयोजित होंगी।
प्रवास और अस्थायी यात्राओं का नियम
जनगणना में प्रवास को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं ताकि यह पता चल सके कि व्यक्ति ने शहर क्यों बदला। यदि कोई व्यक्ति पढ़ाई, रोजगार, शादी या पूरे परिवार के स्थानांतरण के कारण नए शहर में बस गया है, तो उसे प्रवासी माना जाएगा और उस शहर को उसका अंतिम निवास स्थान दर्ज किया जाएगा।
इसके विपरीत, यदि कोई सदस्य पर्यटन, तीर्थयात्रा, रिश्तेदारी में मिलने या इलाज के लिए 3 महीने के लिए अस्पताल में भर्ती हुआ है, तो इसे अस्थायी यात्रा माना जाएगा और इसे प्रवास में दर्ज नहीं किया जाएगा। इस तरह जनगणना घूमने-फिरने को छोड़कर केवल स्थायी और आधिकारिक निवास परिवर्तन का पूरा हिसाब रखेगी।
आम जनता से पूछे जाने वाले 40 सवाल
इस जनगणना के दौरान नागरिकों से विभिन्न श्रेणियों के तहत कुल 40 सवाल पूछे जाएंगे, जिन्हें प्रमुख रूप से इन भागों में बांटा गया है:
- व्यक्तिगत विवरण: नाम, मुखिया से संबंध, लिंग, जन्मतिथि, आयु, वैवाहिक स्थिति, विवाह के समय आयु, पति/पत्नी का नाम, राष्ट्रीयता, धर्म, जाति, माता-पिता का ब्योरा और दिव्यांगता।
- भाषा व शिक्षा: मातृभाषा, अन्य भाषाएं, साक्षरता, तकनीकी ज्ञान, शिक्षा का स्तर व विषय।
- रोजगार व आर्थिक गतिविधि: कामकाज, आर्थिक श्रेणी, व्यवसाय का प्रकार, उद्योग/सेवा, कर्मी वर्ग, काम की तलाश, दूरी और आने-जाने का साधन।
- प्रवास ब्योरा: जन्म स्थान, पिछला निवास, स्थान परिवर्तन का कारण, निवास की अवधि व पता।
- प्रजनन व स्वास्थ्य: जीवित बच्चे, कुल जन्मे बच्चे, बीते एक वर्ष में जन्मे बच्चे और कोरोना टीकाकरण की जानकारी।
- वित्तीय व पहचान पत्र: बैंक खाते, मोबाइल नंबर, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस।
प्रशासनिक तैयारियां और प्रशिक्षण
तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए 5 नवंबर को पटना के पुराना सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में सुबह 10 बजे मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय राज्यस्तरीय प्रशिक्षण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अपर मुख्य सचिव, सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त शामिल हुए, जहां तकनीकी उपकरणों, प्रश्नावली, वित्तीय प्रावधानों और अंतर-विभागीय समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।

