पटना। ​बिहार में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से बारिश का दौर लगातार जारी है। खराब मौसम के कारण राज्य के सामान्य जनजीवन के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को भी गहरा आघात पहुंचा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के 13 जिलों में मूसलाधार बारिश, वज्रपात (आकाशीय बिजली) और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस चक्रवात का असर अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगा है।

​तापमान में भारी गिरावट

​पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण प्रदेश का तापमान तेजी से नीचे आ गया है। पटना सहित लगभग 10 जिलों में रुक-रुक कर बारिश होने से दिन का तापमान सामान्य से 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया है। शुक्रवार को पटना का अधिकतम तापमान सामान्य से 8.3 डिग्री की भारी गिरावट के साथ 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
​इस बेमौसम बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान की फसल के अलावा गन्ना, आलू और विभिन्न सब्जियों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है, जिससे किसान काफी चिंतित हैं।

​मौसम का पूर्वानुमान और तापमान का हाल

​मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1 नवंबर को भी कई इलाकों में हल्की बारिश और बादलों का डेरा बना रहेगा। हालांकि, 2 नवंबर के बाद बारिश का दायरा और तीव्रता घटने लगेगी और अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ होने की उम्मीद है। 3 नवंबर के बाद मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा, जिसके बाद राज्य में ठंड की गतिविधियों में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
​नवंबर के पहले सप्ताह से न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने से सुबह और शाम की ठंड बढ़ने के आसार हैं।

​बारिश के आंकड़े और सरकारी मुआवजा

​पिछले 24 घंटों के दौरान नवादा में सबसे अधिक 34.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा नालंदा में 32.6 मिमी, कैमूर में 31.2 मिमी और पटना में 24.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड हुई। अक्टूबर महीने में सामान्यतः 57.2 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन कुल 43.1 मिमी ही बारिश हुई, जो सामान्य से 25 प्रतिशत कम है।
​किसानों की इस गंभीर समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को तुरंत निर्देश दिए हैं। सरकार ने फसल के नुकसान का सही आकलन कर प्रभावित किसानों की पहचान करने और उन्हें जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने का ऐलान किया है।