पटना। बिहार के सिनेमा जगत के लिए एक बेहद गर्व और खुशी का अवसर आया है। 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है, जिसमें देश भर की चुनिंदा बेहतरीन फिल्मों और कलाकारों के साथ-साथ बिहार की चार प्रतिष्ठित फिल्मी हस्तियों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित सम्मान समारोह आगामी 22 सितंबर 2026 को गुजरात के एकता नगर (केवड़िया) में आयोजित किया जाएगा, जहां देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सभी विजेताओं को अपने हाथों से यह पुरस्कार प्रदान करेंगी। यह पुरस्कार वर्ष 2024 में रिलीज हुई फिल्मों और सिनेमाई कार्यों के लिए दिए जा रहे हैं।

​संजय मिश्रा को फिल्म भक्षक के लिए मिला सम्मान

​बिहार के मूल निवासी और अपने संजीदा अभिनय के लिए मशहूर जाने-माने अभिनेता संजय मिश्रा को फिल्म ‘भक्षक’ में बेहतरीन अदायगी के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार दिया जाएगा। इस फिल्म में उन्होंने ‘भास्कर सिन्हा’ नाम के एक महत्वपूर्ण किरदार की भूमिका निभाई है, जिसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने ही बेहद सराहा था। उनकी इस उपलब्धि से राज्य के सिने प्रेमियों में भारी उत्साह है।

काकोरी को सर्वश्रेष्ठ ऐतिहासिक श्रेणी में पुरस्कार

​गोपालगंज जिले के हथुआ प्रखंड के सिंगहा गांव से ताल्लुक रखने वाले फिल्म निर्देशक कमलेश कुमार मिश्रा और फिल्म निर्माता मिंटी मिश्रा की बहुचर्चित फिल्म ‘काकोरी’ को भी राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सफलता मिली है। इस फिल्म को ‘सर्वश्रेष्ठ बायोग्राफिकल/हिस्टोरिकल रिकंस्ट्रक्शन/कम्पाइलेशन फिल्म’ श्रेणी में विजेता चुना गया है।
​‘काकोरी’ फिल्म साल 1925 के ऐतिहासिक ‘काकोरी रेल एक्शन’ की गौरवशाली घटना पर आधारित है। फिल्म के निर्माण के दौरान प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए पुराने दस्तावेजों, ऐतिहासिक किताबों, अखबारों और इतिहासकारों से गहन शोध व जानकारियां जुटाई गई थीं। निर्देशक और निर्माता दोनों को इस श्रेणी के तहत ‘रजत कमल’ और निर्धारित नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

​संजीव श्रीवास्तव बने सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक

​पत्रकारिता और सिनेमा जगत से लंबे समय से जुड़े संजीव श्रीवास्तव को ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म हिंदी फिल्म समीक्षक’ का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलेगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की आधिकारिक सूची में उन्हें इस श्रेणी का एकमात्र विजेता घोषित किया गया है। इस प्रतिष्ठित सम्मान के तहत उन्हें ‘स्वर्ण कमल’ और नकद राशि से सम्मानित किया जाएगा। मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले के पैतृक निवासी संजीव श्रीवास्तव करीब ढाई दशक से मीडिया और फिल्म समीक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
​यह पूरा आयोजन इस बार राजधानी दिल्ली के बजाय गुजरात के ऐतिहासिक स्थल एकता नगर में होने जा रहा है, जो भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ेगा।