हाजीपुर के पासवान चौक पर हुए कार पार्किंग विवाद और सड़क पर हंगामे के मामले में वैशाली पुलिस प्रशासन ने बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। सार्वजनिक स्थान पर मारपीट, अभद्र व्यवहार और घोर लापरवाही बरतने के आरोप में औद्योगिक क्षेत्र थाने की महिला पुलिस अवर निरीक्षक (दरोगा) नेहा कुमारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
जाम हटाने के दौरान शुरू हुआ था विवाद
मामला 14 अगस्त का है, जब औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले व्यस्त पासवान चौक पर जाम हटाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान दरोगा नेहा कुमारी की कार चालक मनीष कुमार के साथ किसी बात को लेकर तीखी नोक-झोंक हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ी कि दरोगा ने चालक की पत्नी, कुमारी खुशबू सिंह को सबके सामने सार्वजनिक सड़क पर धक्का देकर गिरा दिया। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
थाने के भीतर भी बदसलूकी
वायरल वीडियो के बाद वैशाली के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) को इस मामले की गहन जांच सौंपी गई थी। एएसपी द्वारा सौंपी गई जांच रिपोर्ट और औद्योगिक क्षेत्र थाने के सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
फुटेज में स्पष्ट रूप से यह सामने आया कि थाना सिरिस्ता में मौजूद एक अन्य व्यक्ति रॉबिन उर्फ अनमोल कुमार के साथ भी दरोगा नेहा कुमारी, नगर थाने के सिपाही मिथिलेश कुमार और औद्योगिक क्षेत्र थाने के सिपाही रॉबिन हुड ने मारपीट की थी। इसके अलावा, मनीष कुमार और उनकी पत्नी के साथ न केवल घटनास्थल पर बल्कि थाने के अंदर भी बेहद अनुचित और अमानवीय व्यवहार किया गया।
सड़क पर वाहन में ही छोड़ दिए गए मासूम बच्चे
जांच में सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि घटना के वक्त कार में दो छोटे-छोटे मासूम बच्चे भी मौजूद थे। पुलिस कार्रवाई के दौरान माता-पिता को तो थाने लाया गया, लेकिन उन दोनों छोटे बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के बजाय सड़क पर ही कार के अंदर अकेला छोड़ दिया गया। पुलिस का यह रवैया माननीय न्यायालय के दिशा-निर्देशों और बाल सुरक्षा के नियमों के पूरी तरह विपरीत था। इसे पुलिसकर्मियों की घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमानेपन का बड़ा प्रमाण माना गया है।
निलंबन की अवधि और पुलिस मुख्यालय
एएसपी यातायात वैशाली की जांच रिपोर्ट के आधार पर कर्तव्यहीनता और दुर्व्यवहार के लिए पुलिस अवर निरीक्षक नेहा कुमारी, सिपाही मिथिलेश कुमार और सिपाही रॉबिन हुड को सामान्य जीवन यापन भत्ता पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन की इस पूरी अवधि के दौरान इन सभी का आधिकारिक मुख्यालय पुलिस केंद्र, हाजीपुर निर्धारित किया गया है।
पहले भी दर्ज हुई थी प्राथमिकी
गौरतलब है कि इस विवाद के बाद महिला दरोगा नेहा कुमारी ने कार चालक मनीष कुमार, उनकी पत्नी और एक अन्य वकील के खिलाफ थाने में मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने तब तीनों को न्यायिक हिरासत में भी भेज दिया था, हालांकि बाद में न्यायालय से उन सभी को बरी कर दिया गया था। अब पुलिस विभाग की इस आंतरिक कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि खाकी की आड़ में मनमानी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।



