औरंगाबाद‌। जिले के नबीनगर थाना क्षेत्र के एक गांव में घर में घुसकर दोनों पैरों से दिव्यांग अल्पसंख्यक युवती के साथ दुष्कर्म किया गया। हद तो तब हो गई जब परिजनों द्वारा पकड़े गए मुख्य आरोपी को उसके घरवाले जबरन छुड़ाकर ले गए। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत कुल 7 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

​आधी रात को छत के रास्ते घर में घुसा था आरोपी

​पीड़िता द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, यह सनसनीखेज घटना 13 सितंबर की रात करीब दो बजे की है। उस समय पीड़िता अपने घर में अकेली सोई हुई थी। इसी दौरान गांव का ही रहने वाला मुख्य आरोपी गुलाम गौस छत के रास्ते से घर के अंदर दाखिल हुआ और सीधे उसके कमरे में पहुंच गया। जब उसने जबरदस्ती करने का प्रयास किया, तो पीड़िता ने इसका कड़ा विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की।

​मारपीट और जान से मारने की धमकी

​विरोध करने पर आरोपी ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उसने पीड़िता का मुंह जोर से दबा दिया और उसके साथ मारपीट की। आरोपी ने उसे चुप रहने के लिए धमकाया और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए उसके साथ दुष्कर्म की इस घृणित वारदात को अंजाम दिया।

​आरोपी को पकड़ने के बाद परिजनों ने जबरन छुड़ाया

​घटना के दौरान आहट सुनकर जब परिवार के अन्य सदस्य जाग गए, तो उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए आरोपी गुलाम गौस को मौके पर ही दबोच लिया। लेकिन कुछ ही देर में आरोपी के पक्ष के लोग वहां पहुंच गए। आरोप है कि गुड्डु अंसारी, गुलाम सरवर उर्फ दिदु, रामजान अली, मोजमील अंसारी, गुलाम दस्तगीर और बुरजहां खातून नामक लोगों ने मिलकर हंगामा किया और पकड़े गए आरोपी गुलाम गौस को जबरन छुड़ाकर अपने साथ भगा ले गए।

​लगातार मिल रही हैं धमकियां

​पीड़िता का यह भी आरोप है कि इस घटना के बाद से आरोपी पक्ष के लोग लगातार उसे और उसके परिवार के सदस्यों को डरा-धमका रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के लिखित आवेदन के आधार पर नामजद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।