पटना। दीपावली और छठ महापर्व को लेकर बिहार स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तरह कमर कस ली है। त्योहारी सीजन के दौरान आम जनता को किसी भी तरह की चिकित्सीय असुविधा न हो, इसके लिए राज्यभर के सभी सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं बहाल रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस दौरान किसी भी मेडिकल इमरजेंसी से तत्परता से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं।
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की छुट्टियां रद्द
त्योहारों के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कॉलेज-अस्पतालों, जिला अस्पतालों, अनुमंडल अस्पतालों के साथ-साथ सभी पीएचसी और सीएचसी को सख्त निर्देश दिए हैं। इसके तहत 6 से 17 नवंबर तक डॉक्टरों, नर्सों और अन्य सभी पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टियां पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं। केवल अत्यंत विशेष परिस्थितियों में ही सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से अवकाश स्वीकृत किया जाएगा। अस्पतालों में अनिवार्य रूप से ड्यूटी रोस्टर तैयार कर उसे इमरजेंसी वार्ड और सूचना पट्ट पर प्रदर्शित करने को कहा गया है, ताकि मरीजों को ऑन-ड्यूटी कर्मचारियों की स्पष्ट जानकारी मिल सके।
बर्न वार्ड, ऑक्सीजन और एम्बुलेंस सेवाओं का विशेष इंतजाम
दीपावली के दौरान पटाखों से जलने, आंखों में चोट लगने या सांस संबंधी गंभीर समस्याओं के मरीजों के लिए अस्पतालों को विशेष तौर पर तैयार रहने के निर्देश हैं। अस्पतालों में जीवनरक्षक दवाइयां, सर्जिकल सामग्री, आईवी फ्लूड और पर्याप्त ऑक्सीजन का स्टॉक रखने को कहा गया है। इसके अलावा बर्न वार्ड, क्रिटिकल केयर बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जा रही है। छठ पूजा के दौरान भीड़भाड़ वाले संवेदनशील घाटों पर विशेष मेडिकल कैंप लगेंगे, जहां डॉक्टरों और नर्सों की शिफ्टवार तैनाती होगी। साथ ही, 102 समेत अन्य एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है, जिनमें ऑक्सीजन, फर्स्ट एड किट और ईंधन का पर्याप्त स्टॉक अनिवार्य किया गया है।
अस्पतालों में पटाखे और दीये जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध
अग्निकांड जैसी किसी भी अनहोनी से बचने के लिए सभी स्वास्थ्य संस्थानों में फायर एक्सटिंग्विशर, फायर अलार्म और इमरजेंसी निकास मार्गों की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। ऑक्सीजन प्लांट, सिलेंडर स्टोर रूम और पूरे अस्पताल परिसर के आसपास दीये, मोमबत्ती या पटाखे जलाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
कंट्रोल रूम और 104 हेल्पलाइन से होगी सीधी मॉनिटरिंग
त्योहारों के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की सुचारू रूप से निगरानी के लिए हर जिले में सिविल सर्जन कार्यालय के अंतर्गत 24 घंटे कंट्रोल रूम काम करेगा। इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। राज्य स्तर पर बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति का कंट्रोल रूम और 104 हेल्पलाइन नंबर भी चौबीस घंटे सक्रिय रहेगा। सभी जिलों को अपनी दैनिक रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है ताकि आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

