पटना। बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 8 सीटों के लिए होने वाले चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। इन सीटों पर कुल 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, इन सीटों पर मतदान आगामी 23 अक्टूबर को संपन्न होगा।

​मतदाता और कोटे का गणित

​इन चुनावों में कुल मतदाताओं में से शिक्षक कोटे की चार सीटों के लिए 40,253 मतदाता पंजीकृत हैं, जबकि स्नातक श्रेणी की चार सीटों के लिए 4,92,594 मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। खास बात यह है कि इस बार चुनाव प्रक्रिया में थर्ड जेंडर (मंगलामुखी) मतदाताओं की भी भागीदारी है, जिनकी कुल संख्या 37 है। इनमें से सर्वाधिक 20 मंगलामुखी मतदाता केवल तिरहुत स्नातक सीट पर हैं। वहीं, शिक्षक सीटों में एकमात्र तिरहुत सीट पर ही तीन मंगलामुखी मतदाता दर्ज हैं, जबकि बाकी तीन सीटों पर इनकी संख्या शून्य है।

​मतदाता सूची और नियम

​विधान परिषद की इन विशेष सीटों पर आम नागरिक सीधे मतदान नहीं कर सकते हैं। इसके लिए पात्र नागरिकों को हर बार विशेष रूप से आवेदन करके अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना अनिवार्य होता है। निर्वाचन आयोग के नियमानुसार, हर चुनाव से पहले स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची नए सिरे से शून्य से तैयार की जाती है, और पुरानी सूची का कोई भी डेटा स्वतः मान्य नहीं होता।

​लिंग अनुपात और पहचान पत्र

​स्नातक सीटों पर पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं की तुलना में तीन गुनी से भी अधिक है। शिक्षक श्रेणी की सीटों पर यह अंतर और भी अधिक गहरा जाता है, जहां पुरुष मतदाताओं के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या मात्र 23.78 प्रतिशत ही है। मतदान के दिन सभी मतदाताओं के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे वोट डालने जाते समय निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित वैध पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, या विश्वविद्यालय की मूल डिग्री आदि) अपने साथ जरूर रखें।