कुंदन कुमार, पटना। बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 30 नवंबर से शुरू होकर 4 दिसंबर तक चलेगा। पांच दिनों के इस सत्र में विधानसभा और विधान परिषद की कुल पांच बैठकें आयोजित की जाएंगी। बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में सत्र बुलाने के प्रस्ताव पर सहमति दिए जाने की जानकारी सामने आई है। सत्र के दौरान सदन में विधायी कार्यों के साथ राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की संभावना है। शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होकर शुक्रवार तक चलेगा। सत्र के लिए पांच कार्यदिवस निर्धारित किए गए हैं। हालांकि, सदन में पेश होने वाले विधेयकों और अन्य कार्यों की विस्तृत सूची की पुष्टि आधिकारिक कार्यसूची जारी होने के बाद ही होगी।
सरकार के कामकाज पर रहेगी नजर
शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार की ओर से विधायी प्रस्ताव और विभागीय कार्य सदन में रखे जा सकते हैं। वहीं, विपक्ष को भी जनहित से जुड़े मुद्दे उठाने और सरकार से जवाब मांगने का अवसर मिलेगा। राज्य की योजनाओं, प्रशासनिक फैसलों और आम लोगों से जुड़े विषयों पर चर्चा सत्र की कार्यवाही का हिस्सा हो सकती है। इन मुद्दों पर अंतिम स्थिति सदन की निर्धारित कार्यसूची से स्पष्ट होगी।
पांच दिन चलेगी कार्यवाही
30 नवंबर से शुरू होने वाला यह सत्र 4 दिसंबर को समाप्त होगा। पांच दिनों की अवधि में विधानसभा और विधान परिषद की कार्यवाही निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित की जाएगी। सत्र के दौरान प्रश्नों, सरकारी कामकाज और विधायी प्रस्तावों के लिए समय तय किया जाएगा। विस्तृत कार्यक्रम और कार्यसूची संबंधित सदनों की ओर से जारी किए जाने के बाद ही प्रत्येक दिन के कामकाज की जानकारी स्पष्ट होगी।

