पटना। बिहार में जमीन से जुड़े मामलों में लगातार सामने आ रही लापरवाहियों और अनियमितताओं के खिलाफ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री के समक्ष प्रस्तुत संचिका के आधार पर, विभाग ने तीन अलग-अलग मामलों में दोषी पाए गए अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की संपुष्टि की है। इन मामलों में रिश्वतखोरी से लेकर म्यूटेशन के दौरान नियमों की अनदेखी और गलत रिपोर्ट देने के गंभीर आरोप शामिल हैं।
रिश्वत लेते गिरफ्तार अंचल अधिकारी निलंबित
बांका जिले के चांदन अंचल के तत्कालीन अंचल अधिकारी (CO) रविकांत कुमार को भ्रष्टाचार के एक मामले में 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ विभाग में रिश्वतखोरी का आधिकारिक दस्तावेज दर्ज किया गया। इस गंभीर आपराधिक कृत्य और गिरफ्तारी को संज्ञान में लेते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने उन्हें गिरफ्तारी की तिथि से ही तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
भ्रामक रिपोर्ट के आधार पर नामांतरण खारिज करने पर वेतनवृद्धि रोकी
अररिया जिले के नरपतगंज के राजस्व अधिकारी रामउदगार चौपाल पर नामांतरण (म्यूटेशन) वाद संख्या 1693/25-26 के निष्पादन में गंभीर लापरवाही का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने मामले में नियमानुसार सही जांच और निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार करने के बजाय गलत और भ्रामक प्रतिवेदन के आधार पर वाद को अस्वीकृत कर दिया था। इस मामले में विभाग ने संचयी प्रभाव के बिना उनकी दो वेतनवृद्धियों पर रोक लगाने का दंड निर्धारित किया है। इसका अर्थ यह है कि उनका वेतन रोका तो जाएगा, लेकिन इसका दीर्घकालिक या स्थायी असर उनकी भविष्य की वेतनवृद्धियों पर नहीं पड़ेगा।
सेवानिवृत्त कर्मचारी पर पेंशन कटौती
बांका जिले के धोरैया के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी और बाद में सारण के लहलादपुर के अंचल अधिकारी के रूप में सेवा दे चुके जयशंकर प्रसाद अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उन पर नामांतरण रिवीजन वाद संख्या 66/99-2000 में उच्च स्तर पर पारित स्पष्ट आदेशों की अनदेखी करने का बड़ा आरोप है। दस्तावेजों के अनुसार, विक्रेता के नाम पर जमीन की जमाबंदी कायम नहीं होने के बावजूद उन्होंने नामांतरण की अनुशंसा कर दी थी। विभाग ने इसे पुराने आदेशों की खुली अवहेलना माना है। सेवानिवृत्त हो चुके होने के कारण उन पर अगले 5 वर्षों तक उनकी कुल पेंशन से 15 प्रतिशत की कटौती करने का कड़ा दंड लगाया गया है।



