गया। पितृपक्ष के पवित्र अवसर पर अपने पूर्वजों का पिंडदान और तर्पण करने गया जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए भारतीय रेलवे ने बड़ी सुविधा की घोषणा की है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेलवे द्वारा दो विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, जो रानी कमलापति (भोपाल) और जबलपुर से गया के लिए चलेंगी।

​रानी कमलापति-गया स्पेशल ट्रेन का शेड्यूल

​मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पास स्थित रानी कमलापति स्टेशन से गया के लिए विशेष ट्रेन चलाई जा रही है, जो कैमूर और सासाराम के रास्ते गुजरेगी:

  • ​जाने के लिए (गाड़ी संख्या 01661): यह ट्रेन 27 सितंबर, 2 अक्टूबर और 7 अक्टूबर को रानी कमलापति से दोपहर 3:20 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन दोपहर 2:30 बजे गया जंक्शन पहुंचेगी।
  • ​वापसी के लिए (गाड़ी संख्या 01662): वापसी में यह ट्रेन 30 सितंबर, 5 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को गया से शाम 3:30 बजे खुलकर अगले दिन शाम 4:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी।

​जबलपुर-गया स्पेशल ट्रेन का शेड्यूल

​जबलपुर और आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए भी गया जाने वास्ते तीन फेरों के लिए विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई है:

  • ​जाने के लिए (गाड़ी संख्या 01701): यह ट्रेन 29 सितंबर, 4 अक्टूबर और 9 अक्टूबर को जबलपुर से रात 9:25 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 2:30 बजे गया पहुंचेगी।
  • ​वापसी के लिए (गाड़ी संख्या 01702): गया से यह ट्रेन 28 सितंबर, 3 अक्टूबर और 8 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे चलकर अगले दिन सुबह 8:10 बजे वापस जबलपुर पहुंचेगी।

​प्रमुख ठहराव और कोच संरचना

​इन दोनों स्पेशल ट्रेनों का ठहराव मुख्य स्टेशनों पर सुनिश्चित किया गया है, ताकि रास्ते के सभी जिलों के यात्रियों को इसका लाभ मिल सके:

  • ​मुख्य ठहराव: भभुआ रोड, अनुग्रह नारायण रोड, डेहरी ऑन सोन, सासाराम, दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू), मिर्जापुर, प्रयागराज छिवकी, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर और इटारसी।
  • ​कोच विवरण: यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए दोनों ट्रेनों में कुल 22 कोच लगाए गए हैं। इसमें 2 वातानुकूलित द्वितीय श्रेणी (AC 2 Tier), 4 तृतीय श्रेणी (AC 3 Tier), 12 शयनयान श्रेणी और 4 साधारण श्रेणी के डिब्बे शामिल हैं।

​पितृपक्ष मेले के दौरान इन अतिरिक्त ट्रेनों के चलने से न केवल गया जाने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि नियमित ट्रेनों पर पड़ने वाले अतिरिक्त दबाव से भी राहत मिलेगी।