हेमंत शर्मा, इंदौर। 2000 रुपए से अधिक के UPI भुगतान पर प्रस्तावित अतिरिक्त शुल्क को लेकर इंदौर के व्यापारियों ने विरोध अभियान तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों ने दुकानों पर विरोध संबंधी पोस्टर लगाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि अतिरिक्त शुल्क लागू होने की स्थिति में डिजिटल भुगतान करने वाले ग्राहकों और व्यापारियों पर लागत का असर पड़ सकता है।
दुकानों के बाद अब सोशल मीडिया पर अभियान की तैयारी
इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन के मुताबिक, अभियान के अगले चरण में सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे को आम उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। संगठन ने चार दिनों के भीतर करीब 10 लाख उपभोक्ताओं को अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इस अभियान के माध्यम से व्यापारियों की आपत्ति, संभावित आर्थिक प्रभाव और शुल्क को लेकर उनकी मांग को व्यापक स्तर पर सामने रखने की कोशिश की जाएगी। व्यापारियों का कहना है कि UPI भुगतान का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए अतिरिक्त शुल्क का असर केवल दुकानदारों तक सीमित नहीं रह सकता।
आज 125 संगठनों की बैठक, आगे की रणनीति पर होगा मंथन
अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज से जुड़े 125 व्यापारिक संगठनों की सामूहिक बैठक आज शाम आयोजित होगी। बैठक में UPI शुल्क के मुद्दे पर चर्चा के साथ अभियान के अगले चरण की रणनीति तय की जा सकती है। बैठक में सोशल मीडिया अभियान, जनसंपर्क कार्यक्रम और उपभोक्ताओं तक व्यापारियों की मांग पहुंचाने जैसे मुद्दों पर विचार होने की संभावना है। बैठक के बाद विरोध अभियान को लेकर आगे के फैसले सामने आ सकते हैं।
व्यापारियों की आपत्ति, उपभोक्ताओं को जोड़ने की कोशिश
व्यापारी संगठनों का कहना है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने व्यापार को आसान बनाया है। ऐसे में किसी भी अतिरिक्त शुल्क की संभावना को लेकर व्यापारियों और ग्राहकों के बीच चिंता है। इसी मुद्दे को लेकर संगठन अब बाजारों से आगे बढ़कर सोशल मीडिया और जनजागरूकता अभियान के जरिए अपनी बात रखने की तैयारी में हैं। अब देखना होगा कि 125 व्यापारिक संगठनों की बैठक में क्या रणनीति तय होती है और सोशल मीडिया अभियान के जरिए व्यापारियों की यह मुहिम कितने उपभोक्ताओं तक पहुंच पाती है।
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