देहरादून. पूर्व सीएम हरीश रावत ने नौकरी के बदले पैसे लेने के आरोप को लेकर एक पोस्ट साझा किया है. उन्होंने सौगंध खाकर आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि नौकरी देने के बदले कभी पैसा नहीं लिया. मुझे बदनाम करने का षड्यंत्र हो रहा है. 2017, 2022 में भी झूठे आरोप लगाए थे. सिफारिशों के बदले भी कभी सौदा नहीं किया. उन्होंने कहा कि कलंक मिटाने के लिए संघर्ष करता रहूंगा.

रावत ने अपने पोस्ट में लिखा कि ‘मां मैं आपकी सौगंध खाता हूं, आपके दूध की सौगंध खाता हूं. मैंने कभी किसी को नौकरी देने के बदले एक पैसा लेना तो छोड़िए मैंने उससे कभी चाय और पानी तक नहीं पिया. मेरी तीन माताएं हैं, जगत जननी, देवी भवानी (मां दुर्गा), जिसकी मैं नित्य प्रतिदिन पूजा करता हूं और वह धरती मां है, जिसने मुझे पैदा किया है उत्तराखंड और मां आज मुझे बदनाम करने का षड्यंत्र हो रहा है. उम्र के इस पड़ाव में मुझ पर कलंक लगाने का प्रयास हो रहा है, जिस तरीके से कुछ पोस्टों में, कुछ अखबारों के जरिये मुहिम चला करके. मां मैं आपकी व आपके दूध की सौगंध खाता हूं, मैंने कभी किसी को नौकरी देने के बदले एक पैसा लेना तो छोड़िए मैंने उससे कभी चाय और पानी तक नहीं पिया, जिसको दिया होगा, मैंने दिया होगा मां. मैंने कभी नौकरी के बदले किसी से कुछ लिया नहीं. लेकिन आज ये कलंक का टीका मुझ पर लगाने का दुस्साहस किया जा रहा है और नियोजित तरीके से किया जा रहा है. पहले भी 2017 और 2022 में मेरे खिलाफ झूठ गढ़े गए, कहीं उसके कोई साक्ष्य नहीं है मां. मैं इस कलंक के साथ मरना नहीं चाहता मां.’

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रावत ने आगे लिखा कि ‘मैंने मां जगदंबा से प्रार्थना की है कि जब तक मैं इस कलंक को न धो दूं, तब तक मेरी जिंदगी की डोर व मेरी सांसों को आगे बढ़ाते रहना‌. मैं संघर्ष करूंगा. मां यही नहीं, मैंने कभी किसी को राजनीतिक पद देने के बदले भी पैसा नहीं लिया. मैंने हजारों-हजार लोगों की सिफारिश की हैं, कामधंधों आदि दूसरे चीजों के लिए, मैंने उनसे भी कभी सौदा नहीं किया. लोग मदद जरूर करते हैं मेरी, आज भी मेरी मदद कर रहे हैं. मेरे घर का तो छोड़िए, जिसने छाया की तरीके से मेरे साथ इतने साल सेवा करने का काम किया चंदन, आज उसकी जिंदगी भर की कमाई को सीज्ड कर दिया गया है. उसने अपने बच्चे पढ़ाने हैं, कहां से अपने बच्चों की आजीविका का पालन करेगा, उसकी अलग चिंता हो रही है. मेरे पास भी इतने साधन नहीं हैं कि मैं अपने घर का खर्चा उठा सकूं.’

पूर्व सीएम ने लिखा कि ‘मां मैं फिर आपकी सौगंध खाकर कह रहा हूं कि किसी चीज के बदले पैसा लिया हो, मां श्राप देकर के कहना कि हरीश तूने मेरे दूध को लज्जित करने का काम किया. मैंने हर काम को आपको साक्षी बनाकर के किया है, आपके आदेश से किया है और अब शरीर आज्ञा दे न दे, स्वास्थ्य आज्ञा दे न दे, मगर मुझे अपनी सफाई के लिए, अपनी बात कहने के लिए लोगों के बीच में जाना ही पड़ता है मां. मां, मेरी रक्षा करना. मेरी रक्षा करना. मेरी रक्षा करना, मां. मेरी रक्षा करना.’