देहरादून. अंकिता भंडारी की मौत हुए 4 साल बीत गए हैं, लेकिन आज तक अंकिता को न्याय नहीं मिल सका है. अब भी अंकिता के आरोपी खुले में घूम रहे हैं. जिसे लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय बेटियों के स्वाभिमान की यही पुकार! आज के दिन हमने अपनी स्वाभिमानी बेटी अंकिता भंडारी को खोया था. क्रूर, निर्मम हत्यारे उसका उपयोग किसी VIP को खुश करने के लिए करना चाहते थे.
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आगे हरीश रावत ने कहा कि उसने हमारे स्वाभिमान की रक्षा के लिए झुकने से इनकार कर दिया और उन हत्यारों ने उसके प्राण ले लिए. आज भी कानून के सामने सारे तथ्य हैं. हमारी परमपिता परमेश्वर से, भगवान बद्रीश व केदार से प्रार्थना है कि उसके हत्यारों को अधिकतम सजा मिले, ताकि कोई दूसरी अंकिता के साथ इस तरीके का क्रूरतम, निर्मम व्यवहार न हो सके.
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क्या है पूरा मामला
19 वर्षीय अंकिता 18 सितंबर 2022 को अचानक गायब हो गई. वह ऋषिकेश के निकट वंतारा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी. पांच दिन बाद 24 सितंबर को ऋषिकेश के नजदीक चिल्ला नहर से अंकिता का शव बरामद किया गया था. मामले में पुलिस ने रिजॉर्ट के मालिक और उसके 2 साथियों को गिरफ्तार किया था.



