हर वक्त भारत को जंग की गीदड़भबकी देने वाला पाकिस्तान इस वक्त अंधेरे में डूबा हुआ है. तेल की बढ़ती कीमतों और ऊर्जा संकट ने पाकिस्तान की कमर तोड़ कर रख दी है. अब इसका असर बाजारों और शादियों तक पहुंच गया है. इसी कड़ी में सरकार ने इस्लामाबाद में दुकानों, बाजारों और शॉपिंग मॉल को रात 9 बजे तक बंद करने का आदेश दिया है. मैरिज हॉल और मैरक्वी को रात 10 बजे तक बंद करना होगा. वहीं शादियों और दूसरे समारोहों में सिर्फ एक डिश परोसने की इजाजत होगी. रेस्टोरेंट और कैफे रात 11 बजे तक खुले रहेंगे.

मिडिल ईस्ट में जारी जंग का तेल सप्लाई पर असर

इसके पीछे सबसे बड़ी वजह दुनिया में बढ़ती तेल कीमतें हैं. मिडिल ईस्ट में जारी जंग और तनाव से तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है. होर्मुज स्ट्रेट और बाब अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री रास्तों को लेकर भी चिंता बढ़ी है. इसका सीधा असर पाकिस्तान पर पड़ा है. पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर तेल और गैस आयात करता है. ऐसे में तेल महंगा होने से सरकार पर विदेशी मुद्रा खर्च करने का दबाव बढ़ जाता है. पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 391.22 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं हाई-स्पीड डीजल 421.45 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

रात में क्यों जल्दी बंद करने पड़ रहे हैं बाजार ?

शहबाज सरकार का मकसद बिजली और ईंधन की खपत कम करना है. रात के समय बाजार, मॉल और दूसरी दुकानों को जल्दी बंद करने से कमर्शियल बिजली की खपत घटेगी. इससे ईंधन की बचत करने में भी मदद मिलेगी. फिलहाल ये आदेश इस्लामाबाद में लागू किया गया है. केंद्र सरकार ने प्रांतों और दूसरे इलाकों से भी ऐसे कदम उठाने पर विचार करने को कहा है.

शादियों में सिर्फ एक डिश क्यों?

सरकार ने मैरिज हॉल और दूसरे समारोह स्थलों को रात 10 बजे तक बंद करने का फैसला किया है. साथ ही शादी के कार्यक्रमों में सिर्फ एक डिश परोसने की इजाजत होगी. इसका मकसद भी खर्च और संसाधनों की बचत करना है. सरकार इस समय हर उस जगह खर्च और ऊर्जा की खपत कम करना चाहती है, जहां ऐसा किया जा सकता है.

सरकार ने अपने खर्च पर भी लगाई कैंची

सरकार ने सिर्फ आम लोगों और कारोबारियों पर ही पाबंदी नहीं लगाई है. सरकारी गाड़ियों के लिए अगले तीन महीने तक ईंधन का कोटा 50 फीसदी कम कर दिया गया है. तीन महीने के लिए सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्रा पर भी रोक लगाई गई है. सरकारी विभागों में नए वाहन और टिकाऊ सामान खरीदने पर भी रोक लगा दी गई है. आईटी से जुड़ी खरीद और विकास परियोजनाओं को इससे बाहर रखा गया है. सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में गैर-कर्मचारी से जुड़े नियमित खर्च में हर महीने 5 फीसदी कटौती का भी आदेश दिया है.

जरूरी सेवाओं को छूट

अस्पताल, क्लीनिक, मेडिकल लैब, फार्मेसी, बेकरी, तंदूर, दूध-दही की दुकानें, पेट्रोल और सीएनजी पंप, ईवी चार्जिंग स्टेशन, जिम, स्पोर्ट्स सेंटर, आईटी कंपनियां और कॉल सेंटर इन समय की पाबंदियों से बाहर हैं. यानी पाकिस्तान सरकार का पूरा फोकस फिलहाल तेल बचाने, ऊर्जा की खपत घटाने और विदेशी मुद्रा पर दबाव कम करने पर है. बढ़ती तेल कीमतों के बीच यही वजह है कि बाजार जल्दी बंद हो रहे हैं और शादियों के मेन्यू तक पर पाबंदी लगाई गई है.

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m