पटना। बिहार में पिछले एक महीने से प्रशासनिक कामकाज में बनी गतिरोध की स्थिति अब समाप्त हो गई है। राज्य के अंचल अधिकारी (CO) और राजस्व कर्मियों ने अपनी लंबी हड़ताल वापस लेने का औपचारिक ऐलान कर दिया है। सरकार और कर्मचारी संघ के बीच हुई सकारात्मक वार्ता के बाद यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया, जिससे अब राज्य भर के अंचलों में कामकाज फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद है।

​सरकार के साथ वार्ता रही सफल

​राजस्व कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों और विभाग के सचिव जय सिंह के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। सचिव द्वारा मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और उचित कार्रवाई का भरोसा मिलने के बाद संघ ने सामूहिक रूप से हड़ताल खत्म करने का निर्णय लिया। प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार के आश्वासन पर भरोसा जताते हुए जनहित में यह कदम उठाया गया है।

​24 घंटे में संभालेंगे कार्यभार

​संघ की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि सभी अंचल अधिकारी और राजस्व कर्मी अगले 24 घंटे के भीतर अपने-अपने कार्यस्थलों पर योगदान देंगे। अधिकारियों ने प्रतिबद्धता जताई है कि वे अब लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएंगे ताकि आम जनता को और अधिक परेशानी न हो।

​एक महीने से ठप थे महत्वपूर्ण कार्य

​विदित हो कि करीब 30 दिनों से जारी इस स्ट्राइक की वजह से बिहार की भूमि राजस्व व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। जमीन का दाखिल-खारिज, एलपीसी, विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र और भू-सर्वेक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्य ठप पड़े थे। आम जनता को छोटे-छोटे कार्यों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे थे।

​सरकार का सख्त रुख

​हड़ताल के दौरान सरकार का कड़ा तेवर भी देखने को मिला था। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने कार्य में लापरवाही और अनुपस्थिति को देखते हुए कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने अंचलों का प्रभार अस्थायी रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को सौंप दिया था, हालांकि तकनीकी जटिलताओं के कारण पूर्ण समाधान नहीं हो पा रहा था।

​आम जनता को मिलेगी बड़ी राहत

​हड़ताल खत्म होने की खबर से उन हजारों लोगों ने राहत की सांस ली है जिनके जमीन संबंधी मामले महीनों से अटके हुए थे। अब उम्मीद है कि प्रशासन लंबित फाइलों का निपटारा तेजी से करेगा और डिजिटल सेवाओं को पुनः सुचारू रूप से बहाल किया जाएगा।