कुंदन कुमार, पटना। बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने आज 6 अगस्त गुरुवार को नई दिल्ली स्थित संसद भवन में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य की सड़क अवसंरचना से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत एवं सकारात्मक चर्चा की।
बैठक में इन योजनाओं पर हुई चर्चा
इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने बताया कि, बैठक के दौरान विक्रमशिला सेतु के समानांतर पॉन्टून ब्रिज के निर्माण, मुजफ्फरपुर–बरौनी राष्ट्रीय राजमार्ग-122 के चार लेन चौड़ीकरण एवं मुजफ्फरपुर पूर्वी बाईपास, राष्ट्रीय राजमार्ग-139 के नौबतपुर से झारखंड सीमा तक चार लेन निर्माण, NH-333 एवं NH-333A से संबंधित परियोजनाओं तथा हाजीपुर से मुजफ्फरपुर तक श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित एवं सुगम कांवरिया पथ के निर्माण का विषय प्रमुखता से रखा गया।
इसके अतिरिक्त बिहपुर–फुलौत कोसी पुल से बिहपुर विधानसभा क्षेत्र के गोविंदपुर–मुशहरी एवं कहारपुर गांवों को एप्रोच रैम्प के माध्यम से जोड़ने, भागलपुर–बलदौर NH-133E के कार्य को शीघ्र गति देने तथा हाजीपुर पासवान चौक से बिदुपुर तक गंगा के उत्तरी किनारे एलिवेटेड सड़क के निर्माण का प्रस्ताव भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
नई सड़क योजनाओं को स्वीकृति का अनुरोध
बैठक में विक्रमशिला सेतु के पुनर्निर्माण की अवधि के दौरान निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने हेतु समानांतर अस्थायी पॉन्टून ब्रिज की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। साथ ही केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना निधि के अंतर्गत बिहार की नई महत्वपूर्ण सड़क योजनाओं को स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया गया।
गडकरी से मिला सकारात्मक आश्वासन
पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने कहा कि, इन परियोजनाओं से बिहार की अंतरराज्यीय एवं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रा समय में कमी आएगी, सड़क सुरक्षा बेहतर होगी तथा व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
उन्होंने बताया कि, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सभी विषयों को गंभीरतापूर्वक सुना और सकारात्मक आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने बिहार आकर संबंधित परियोजनाओं एवं प्रस्तावित स्थलों का स्वयं अवलोकन करने की बात कही है।
पथ निर्माण मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विज़न एवं मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बिहार की सड़क अवसंरचना और अधिक सुदृढ़ होगी तथा राज्य के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।
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