कुंदन कुमार, पटना। बिहार के तमाम नगर निकायों में पिछले आठ दिनों से जारी सफाईकर्मियों की हड़ताल आखिरकार गुरुवार को समाप्त हो गई। इस हड़ताल के खत्म होने से पटना सहित पूरे राज्य के लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा के साथ सफाईकर्मी संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल की उच्चस्तरीय बैठक के बाद यह अहम फैसला लिया गया। इस बैठक में पटना नगर आयुक्त यशपाल मीणा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।


बैठक के बाद हड़ताल वापस लेने का ऐलान
सफाईकर्मी संघर्ष समिति और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद संघ ने आंदोलन समाप्त करने की आधिकारिक घोषणा कर दी। पटना नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश ने मीडिया को जानकारी दी कि सरकार के साथ हुई चर्चा में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के हितों को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं।
अध्यक्ष चंद्र प्रकाश के मुताबिक, अब दैनिक कर्मियों को भी स्थायी (परमानेंट) कर्मचारियों की तरह ही हरसंभव सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इनमें आकस्मिक अवकाश (छुट्टी), ग्रेच्युटी का लाभ और सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) के बाद पेंशन जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं शामिल हैं। सरकार के इस आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है।
शीर्ष नेतृत्व का सख्त निर्देश और मंत्रियों के बयान
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, इस पूरे संकट को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया था। उनका स्पष्ट निर्देश था कि हर हाल में आज ही के दिन हड़ताल समाप्त होनी चाहिए और आंदोलन के दौरान सफाईकर्मियों पर की गई सभी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई को भी तुरंत प्रभाव से निरस्त किया जाना चाहिए।
मुलाकात के बाद नगर विकास और आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि राज्य सरकार हमेशा से सफाई कर्मियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील रही है। उनके कल्याण के लिए जो भी व्यावहारिक और उचित निर्णय लेना होगा, सरकार वह कदम उठाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ की कई प्रमुख मांगों पर आम सहमति बन चुकी है, जबकि शेष जटिल मांगों के समाधान के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे के फैसले लिए जाएंगे।
लापरवाह आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर अब तक 63.16 करोड़ का भारी जुर्माना
हड़ताल के दौरान और उससे पहले शहर की व्यवस्था को ताक पर रखने वाली मैनपावर और वाहन मुहैया कराने वाली एजेंसियों पर निगम प्रशासन ने बहुत कड़ी कार्रवाई की है। समय पर पर्याप्त संसाधन और सफाईकर्मी उपलब्ध न कराने के कारण निगम ने इन एजेंसियों पर कुल 63.16 करोड़ रुपए का भारी-भरकम जुर्माना (पेनाल्टी) लगाया है। साथ ही, एजेंसियों को तीसरी बार कड़ा कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
निगम द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, विशेष रूप से 3 और 4 अगस्त को इन एजेंसियों ने तय अनुबंध के मुताबिक आवश्यक संख्या में सफाईकर्मियों और वाहन चालकों की तैनाती नहीं की थी, जिससे पूरे शहर की साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। इस गंभीर लापरवाही और कुप्रबंधन को देखते हुए प्रशासन ने केवल इन दो दिनों में ही 18.59 करोड़ रुपए की अतिरिक्त पेनाल्टी थोप दी है, जबकि बाकी की शेष राशि का जुर्माना इससे पहले के दिनों में लगाया गया था।


