कुंदन कुमार, पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की । इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में गाद (Silt) प्रबंधन नीति से लेकर आगामी चुनावों और विपक्ष पर तीखे हमलों तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर खुलकर बात की गई।
गाद प्रबंधन नीति को मिली कैबिनेट की मंजूरी
बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई है। उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बधाई देते हुए बताया कि उन्होंने हाल ही में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर गाद प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की।
- ऐतिहासिक समस्या: बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बहुत पहले ही ‘नेशनल गंगा रिवर बेसिन ऑथोरिटी’ की बैठक में गाद को एक गंभीर समस्या के रूप में चिन्हित किया था।
- फरक्का बराज का प्रभाव: फरक्का बराज के निर्माण के कारण बिहार में लगभग 450 किलोमीटर के दायरे में तेजी से गाद जमा हो रही है, जिससे नदी का प्रवाह बाधित हो रहा है और बीच में गाद के बड़े-बड़े टीले बन गए हैं।
- नई नीति का लाभ: राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नई ‘गाद प्रबंधन नीति’ को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। इसके तहत विभिन्न विभाग अपनी शर्तों पर इस गाद को ले जाकर अन्य कार्यों में इस्तेमाल कर सकेंगे। मिट्टी भराई जैसे कार्यों के लिए यह गाद बेहद उपयोगी साबित होगी।
चुनाव की तैयारियां
राजनीतिक गतिविधियों पर बात करते हुए उपमुख्यमंत्री ने आगामी रणनीतियों की रूपरेखा भी साझा की।
- जदयू की समीक्षा बैठक: विधान परिषद चुनाव को लेकर जदयू जल्द ही समीक्षा बैठक करने वाली है। हालांकि, इसे लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई नई बात नहीं है, बल्कि हर चुनाव के बाद इस तरह की समीक्षा बैठकें आयोजित करना पार्टी की नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है।
- यूपी चुनाव की रणनीति: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर जदयू ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों पर अंतिम फैसला चुनाव नजदीक आने पर ही लिया जाएगा।
विपक्ष पर हमला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विजय चौधरी ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को लोकतंत्र पर प्रहार बताया।
- संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान: उन्होंने कहा कि आज विपक्ष के लोग देश की संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग पर सवाल खड़े कर रहे हैं, जबकि पूरे देश में इस चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली की प्रशंसा हो रही है। उन्होंने विपक्ष पर न्यायपालिका को दबाने की कोशिश करने का भी गंभीर आरोप लगाया।
- बचकानी मानसिकता: तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ‘मॉक पार्लियामेंट’ (प्रतीकात्मक संसद) का आयोजन आमतौर पर बच्चों के लिए किया जाता है, लेकिन जो लोग खुद सदन के मौजूदा सदस्य हैं, वे ऐसी हरकतें कर रहे हैं जो उनकी बचकानी मानसिकता को दर्शाता है। साथ ही, उन्होंने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ कार्यक्रम को वर्तमान समय में पूरी तरह प्रासंगिक बताया।

