बिहार सरकार ने राज्य में किन्नर कल्याण बोर्ड यानी ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है। समाज कल्याण विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस बड़े प्रशासनिक फैसले के साथ ही बोर्ड में शामिल सभी मनोनीत सदस्यों और सरकारी प्रतिनिधियों की सदस्यता तथा उनका मनोनयन भी समाप्त हो गया है। राज्य सरकार का यह कदम केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए संशोधन कानून के बाद उठाया गया है, जिसके आधार पर अब बोर्ड का नए सिरे से गठन किया जाएगा।

​अगस्त 2025 में ही तीन साल के लिए हुआ था पुनर्गठन

​यह बोर्ड बिहार राज्य किन्नर कल्याण बोर्ड गठन नियमावली, 2015 के प्रावधानों के तहत संचालित होता था। राज्य सरकार ने पिछले साल 7 अगस्त 2025 को एक अधिसूचना जारी कर इस बोर्ड को तीन साल के कार्यकाल के लिए पुनर्गठित किया था। इस लिहाज से मौजूदा बोर्ड का कार्यकाल अभी काफी बचा हुआ था और यह समय से पहले ही भंग कर दिया गया है। कार्यकाल पूरा होने से पहले ही बोर्ड को समाप्त करने का मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून के प्रावधानों को राज्य में लागू करना है।

​सामने आई पुनर्गठन की मुख्य वजह

​समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, केंद्र सरकार ने हाल ही में 30 मार्च 2026 को ‘द ट्रांसजेंडर पर्सन्स (प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स) अमेंडमेंट एक्ट, 2026’ को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया है। केंद्र स्तर पर हुए इस महत्वपूर्ण बदलाव के बाद राज्य के कानूनी ढांचे और सामाजिक परिवेश में भी संशोधन जरूरी हो गया था। सरकार का मानना है कि नए केंद्रीय अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप ही राज्य के बोर्ड की संरचना होना अनिवार्य है, ताकि किसी भी तरह की कानूनी अड़चन या विरोधाभास से बचा जा सके।

​समुदाय के सभी वर्गों को मिलेगी नई बोर्ड में उचित भागीदारी

​बिहार सरकार का यह तर्क है कि नए सिरे से गठित होने वाले ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड में राज्य के विभिन्न जिलों और क्षेत्रों में रहने वाले ट्रांसजेंडर समुदाय के अलग-अलग वर्गों की सक्रिय भागीदारी पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में समुदाय के हर वर्ग की आवाज को प्रभावी रूप से उठाने के लिए बोर्ड के ढांचे में बदलाव लाना एक आवश्यक प्रशासनिक कदम था। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए पुराने बोर्ड को भंग करके नए और विस्तारित रूप में बोर्ड के गठन का मार्ग प्रशस्त किया गया है।