Bihar Legislative Council: बिहार विधान परिषद में आज शुक्रवार को कार्यवाही के दौरान सत्ता पक्ष के एमएलसी नवल किशोर यादव ने महिलाओं से जुड़ा एक ऐसा बयान दे दिया, जिससे सदन का माहौल गर्मा गया। राजद की महिला एमएलसी उर्मिला ठाकुर ने नवल किशोर यादव के बयान को महिलाओं का अपमान बताया और अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए नवल किशोर से माफी मांगने की मांग की।
शारीरिक शिक्षकों की बहाली पर सवाल
दरअसल, सदन में प्रशिक्षित शारीरिक शिक्षकों की बहाली का मामला चल रहा था। इस दौरान एमएलसी नवल किशोर यादव, जीवन कुमार और निर्दलीय सदस्य बंशीधर बृजवासी ने सरकार से पूछा कि हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद भी अब तक प्रोन्नति क्यों नहीं दी गई। इस पर शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि पूरे मामले को विधि विभाग के पास भेजा जाएगा। वहां से राय मिलने के बाद आगे का फैसला होगा।
नवल किशोर के इस बयान पर मचा बवाल
इस पर चर्चा के दौरान मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि, फिलहाल सदन में उन लोगों को ज्यादा बोलने का मौका मिलना चाहिए, जिन्हें आगे चुनाव लड़ना है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नवल किशोर यादव ने आपत्तिजनक बयान देते कहा कि ‘महिलाओं को बच्चा पैदा करना और नेताओं को चुनाव लड़ना सीखने की जरूरत नहीं पड़ती।’
राजद एमएलसी उर्मिला ठाकुर ने जताई कड़ी आपत्ति
नवल किशोर के इस बयान के बाद सदन में मौजूद महिला सदस्य अपने स्थान पर खड़ी हो गईं और इस आपत्तिजनक टिप्पणी का विरोध करते हुए कहा कि सदन जैसे मंच पर महिलाओं के लिए इस तरह की अपमानजनक भाषा का प्रयोग करना कहीं से भी उचित नहीं है। राजद एमएलसी उर्मिला ठाकुर ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि, महिलाओं को लेकर इस तरह की टिप्पणी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती। सदन की गरिमा बनाए रखना हर सदस्य की जिम्मेदारी है और ऐसी भाषा से बचना चाहिए।
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