बिहारशरीफ के दीपनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बीज कारोबारी राजीव रंजन के आवास पर रविवार रात हुई 1.25 करोड़ रुपए की भीषण डकैती के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ पूरी तरह खाली हैं। करीब एक दर्जन नकाबपोश अपराधियों ने छत के रास्ते घर में घुसकर हथियारों के बल पर पूरे परिवार को बंधक बनाया और एक घंटे तक जमकर तांडव मचाया। बदमाशों ने 45 लाख नकद, 70 लाख के हीरे-सोने के जेवर और करीब 3 किलो चांदी लूट ली। इस सुनियोजित वारदात को देखकर पुलिस और पीड़ित परिवार का मानना है कि इसमें किसी स्थानीय लाइनर की पुख्ता मुखबिरी शामिल है, जिसे घर के चप्पे-चप्पे की जानकारी थी।
सहमा हुआ परिवार और बंद नए घर का निर्माण
घटना के बाद से पीड़ित कारोबारी राजीव रंजन, उनकी पत्नी आभा सुमन और उनके बीमार पिता बालेश्वर प्रसाद सहित पूरा परिवार गहरे मानसिक सदमे और खौफ में है। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे लगातार कांप रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर घर में इतनी बड़ी रकम होने को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर आभा सुमन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग बिना सच्चाई जाने भद्दे कमेंट कर रहे हैं, वे भगवान से प्रार्थना करें कि ऐसी आपदा उनके परिवार पर न आए। इस भयावह घटना के बाद परिवार के नए आशियाने का निर्माण कार्य भी अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है।
पुलिस की तीन विशेष टीमें और ताबड़तोड़ छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए नालंदा एसपी भारत सोनी ने घटनास्थल का जायजा लिया और एक सप्ताह के भीतर संपत्ति रिकवर करने का आश्वासन दिया है। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी है। जांच के लिए दीपनगर थाना, डीआईयू और विशेष कार्य बल की तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है। पटना से आई डीआईयू टीम ने घटनास्थल के आसपास का टावर डंप डेटा निकाल लिया है और संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच जारी है। सदर डीएसपी-1 अमरनाथ ने बताया कि पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं, जिसके आधार पर अपराधियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।


