रांची। रिम्स डेंटल कॉलेज में मंगलवार को उस वक्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गईं, जब स्टाइपेंड का भुगतान नहीं होने से नाराज इंटर्न छात्रों ने काम बंद कर दिया। इंटर्न छात्रों ने कॉलेज परिसर में विरोध जताते हुए हड़ताल शुरू कर दी। छात्रों के काम से अलग रहने का सीधा असर दंत चिकित्सा सेवाओं पर पड़ा और इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।

लंबे समय से स्टाइपेंड नहीं मिलने से नाराज छात्र

इंटर्न छात्रों का कहना है कि उन्हें निर्धारित स्टाइपेंड का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है। लंबे समय से राशि लंबित होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रों के मुताबिक, स्टाइपेंड भुगतान की समस्या को लेकर कॉलेज प्रबंधन से कई बार शिकायत की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ। इसके बाद छात्रों ने काम बंद कर अपना विरोध दर्ज कराने का फैसला लिया।

लंबित भुगतान जल्द करने की मांग

इंटर्न छात्रों की मुख्य मांग है कि बकाया स्टाइपेंड का जल्द भुगतान किया जाए। साथ ही भविष्य में भुगतान की प्रक्रिया नियमित और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने की मांग भी की गई है।छात्रों का कहना है कि आर्थिक समस्याओं के बीच लंबे समय तक स्टाइपेंड नहीं मिलने से उनकी मुश्किलें बढ़ रही हैं।

मरीजों पर पड़ा हड़ताल का असर

इंटर्न छात्रों के काम बंद करने का असर रिम्स डेंटल कॉलेज की ओपीडी और इलाज व्यवस्था पर भी दिखाई दिया। दांतों के इलाज के लिए पहुंचे कई मरीजों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ा।

रिम्स डेंटल कॉलेज में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में इंटर्न की सेवाएं प्रभावित होने से खासकर सामान्य दंत चिकित्सा से जुड़ी सेवाओं में मरीजों को परेशानी हुई।

अकाउंट्स की तकनीकी समस्या बनी वजह- प्राचार्य

रिम्स डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जयप्रकाश ने कहा कि प्रबंधन की ओर से स्टाइपेंड रोकने की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने बताया कि अकाउंट्स से जुड़ी कुछ तकनीकी दिक्कतों के कारण भुगतान नहीं हो सका है।

प्राचार्य के अनुसार, तकनीकी समस्या को दूर करने की प्रक्रिया चल रही है। समस्या का समाधान होते ही इंटर्न छात्रों के लंबित स्टाइपेंड का भुगतान कर दिया जाएगा।

राज्य का सबसे बड़ा डेंटल कॉलेज है रिम्स

रिम्स डेंटल कॉलेज को राज्य का सबसे बड़ा डेंटल कॉलेज माना जाता है। यहां रांची के अलावा झारखंड के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में मरीज दांतों से संबंधित उपचार के लिए पहुंचते हैं। ओपीडी में प्रतिदिन मरीजों की भीड़ रहती है।

अब प्रबंधन के आश्वासन के बाद नजर इस बात पर है कि लंबित स्टाइपेंड का भुगतान कितनी जल्दी होता है और इंटर्न छात्र कब तक हड़ताल समाप्त कर नियमित काम पर लौटते हैं।