Bikaner Mayor Election 2026: बीकानेर नगर निगम को नया महापौर मिल गया है। 21 सितंबर 2026 को हुए मतदान और मतगणना में कांग्रेस के अनिल कल्ला ने भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत को 50-30 के अंतर से हराया। 80 सदस्यीय निगम में कांग्रेस के पास 42 पार्षद थे, लेकिन अनिल कल्ला को 50 वोट मिले।

अनिल कल्ला को मिले 50 वोटों से साफ है कि कांग्रेस के अपने संख्याबल के अलावा भी उन्हें समर्थन मिला। भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह शेखावत को 30 वोट प्राप्त हुए। इस तरह कांग्रेस ने बीकानेर में महापौर पद अपने नाम कर लिया।
42 पार्षदों वाली कांग्रेस को मिले 50 वोट
बीकानेर नगर निगम में बहुमत के लिए 41 पार्षदों का समर्थन जरूरी था। कांग्रेस ने वार्ड चुनाव में 42 सीटें जीती थीं। भाजपा के 27 पार्षद, 10 निर्दलीय और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का एक पार्षद चुनाव जीतकर निगम में पहुंचे थे। मतदान से पहले कांग्रेस के सामने अपने पार्षदों को एकजुट रखने की चुनौती थी। पार्टी के भीतर नवरतन डागा की ओर से सामने आई चुनौती बाद में खत्म हो गई। डागा ने महापौर चुनाव से अपनी दावेदारी वापस ले ली थी। इसके बाद मुकाबला अनिल कल्ला और भाजपा के सुरेंद्र सिंह शेखावत के बीच रह गया।
कौन हैं अनिल कल्ला?
अनिल कल्ला बीकानेर नगर निगम के वार्ड नंबर 73 से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद चुने गए हैं। महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस ने उन्हें अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया था। वे पूर्व मंत्री डॉ. बीडी कल्ला के भतीजे हैं। अनिल कल्ला के मुताबिक, वे तीन दशक से ज्यादा समय से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। वे जिला कांग्रेस कमेटी बीकानेर के महासचिव की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। बीकानेर शहर कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए भी उनका नाम पहले चर्चा में रहा है। वे बीकानेर के राजीव यूथ क्लब के अध्यक्ष हैं। क्लब के माध्यम से सामाजिक, सांस्कृतिक और युवा गतिविधियों से जुड़े रहने की बात सामने आती रही है। कैंसर पीड़ितों की मदद करने वाली संस्था से भी उनके जुड़े होने की जानकारी दी गई है। बीकानेर के अस्पतालों में मरीजों के मार्गदर्शन और सहायता से जुड़ी गतिविधियों में उनकी भूमिका बताई जाती है।
बाड़ाबंदी के बीच हुआ मेयर का चुनाव
बीकानेर में मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस और भाजपा दोनों ने अपने पार्षदों की बाड़ाबंदी की थी। कांग्रेस के 42 पार्षद जैसलमेर के रिजॉर्ट में ठहरे थे, जबकि भाजपा के 27 पार्षदों को जोधपुर के रिजॉर्ट में रखा गया था। 21 सितंबर की सुबह दोनों दलों के पार्षद कड़ी सुरक्षा के बीच बसों से गांधी म्यूनिसिपल सभागार पहुंचे। यहीं महापौर पद के लिए मतदान हुआ। इसके बाद मतगणना की गई और अनिल कल्ला की जीत सामने आई।
बीकानेर को मिला पांचवां महापौर
बीकानेर नगर निगम बनने के बाद शहर को अब पांचवां महापौर मिला है। इससे पहले मकसूद अहमद, भवानी शंकर शर्मा, नारायण चोपड़ा और सुशीला कंवर राजपुरोहित महापौर रह चुके हैं। इनमें दो महापौर कांग्रेस और दो भाजपा से रहे हैं। अनिल कल्ला के निर्वाचन के बाद कांग्रेस के खाते में तीसरी बार बीकानेर के महापौर का पद आया है।
17 साल बाद कांग्रेस की बड़ी बढ़त
बीकानेर के नगरीय चुनावी इतिहास में 2026 का परिणाम कांग्रेस के लिए खास रहा। इस बार कांग्रेस ने 80 में से 42 वार्ड जीते। इससे पहले 2009 में 60 वार्डों में कांग्रेस ने 34 सीटें हासिल की थीं। 1994 से 2026 तक हुए सात निकाय चुनावों में बीकानेर सदन में भाजपा के 198 और कांग्रेस के 165 पार्षद चुने गए। लंबे समय के चुनावी आंकड़ों में भाजपा की संख्या अधिक रही है, लेकिन 2026 में कांग्रेस ने 42 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया।
लूणकरणसर में भाजपा के चंद्रमोहन की जीत
लूणकरणसर नगरपालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में भाजपा के चंद्रमोहन ने कांग्रेस के गणेशनाथ को हराया। चंद्रमोहन को 23 और गणेशनाथ को 12 वोट मिले। लूणकरणसर नगरपालिका में कुल 35 वार्ड हैं। भाजपा ने 23 वार्ड जीतकर बहुमत हासिल किया था। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, यहां भाजपा का पहला बोर्ड बना है।
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