Bilaspur News Update : बिलासपुर. सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम मुड़पार में युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान रमाशंकर सिदार (45 वर्ष), निवासी मुड़पार मौहारपारा, थाना सीपत के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, आरोपी को शक था कि उसकी पत्नी और रितिक कश्यप उर्फ करन के बीच अवैध संबंध हैं. इसी संदेह के चलते वह रितिक से दुश्मनी रखता था. पुलिस ने आरोपी चाकू बरामद कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है. टीआई राजेश मिश्रा ने बताया कि घटना 1 सितंबर की रात करीब 8 बजे की है. ग्राम मुड़पार भाठापारा निवासी समीर कुर्मी (19 वर्ष) ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रमाशंकर सिदार ने उसके भाई रितिक कश्यप पर जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला किया. आरोपी ने रितिक के पेट, सीने और बाएं हाथ की कोहनी के पास चोट पहुंचाई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी. पुलिस टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की. घटना के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था. पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी कोरबा के घंटाघर क्षेत्र में मौजूद है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम कोरबा रवाना हुई और घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया. उसे हिरासत में लेकर सीपत थाना लाया गया, जहां पूछताछ के दौरान उसने रितिक कश्यप के साथ अपनी पत्नी के कथित अवैध संबंध होने के संदेह को हमले की वजह बताया.

घरघोड़ा में 1 नवंबर से पॉलीथिन कैरी बैग और पानी पाउच पर प्रतिबंध

रायगढ़. नगर पंचायत घरघोड़ा ने प्लास्टिक कचरे पर अंकुश लगाने और नगर में स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से पॉलीथिन कैरी बैग और पानी पाउच के उपयोग, बिक्री एवं वितरण पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है. यह प्रतिबंध 1 नवंबर 2026 से लागू होगा. इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रतिबंधित सामग्री जब्त करने के साथ जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी. नगर पंचायत परिषद की बैठक में पारित संकल्प के आधार पर यह निर्णय लिया गया है. परिषद के अनुसार, पॉलीथिन और प्लास्टिक कचरे के कारण सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलती है. इन समस्याओं को देखते हुए प्रतिबंध लागू करने की तैयारी की गई है. नगर पंचायत ने थोक व्यापारियों, वितरकों, आपूर्तिकर्ताओं और निर्माताओं को नगर क्षेत्र में प्रतिबंधित सामग्री का भंडारण, परिवहन और आपूर्ति नहीं करने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही दुकानदारों, व्यापारियों, होटल-रेस्टोरेंट संचालकों, भोजनालय संचालकों और साप्ताहिक हाट-बाजार के विक्रेताओं से 1 नवंबर से पहले मौजूदा स्टॉक खत्म करने अथवा वापस करने की अपील की गई है. प्रतिबंध लागू होने के बाद पॉलीथिन कैरी बैग और पानी पाउच का नया स्टॉक मंगाने तथा ग्राहकों को वितरित करने पर रोक रहेगी.

चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद, एक नाबालिग समेत 5 आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर. सकरी पुलिस ने बाइक चोरी के दो अलग-अलग मामलों का खुलासा करते हुए चोरी की दो मोटरसाइकिलें बरामद की हैं. मामले में एक नाबालिग सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों में रैकी करने के बाद मोटरसाइकिल चोरी करते थे.

धान खरीदी से पहले प्रशासन सख्त, 7 चेक पोस्ट पर होगी निगरानी

बिलासपुर. समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से पहले बिलासपुर जिला प्रशासन ने दूसरे राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर खपाने वालों पर नजर रखने की तैयारी की है. जिले के 7 चेक पोस्ट पर निगरानी की जाएगी. इनमें वन विभाग के 6 और खनिज विभाग का 1 चेक पोस्ट शामिल है, जहां अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहेंगे. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अवैध धान के परिवहन और खपाने पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी के निर्देश दिए है.

पांच लाख मुनाफे का लालच देकर 1.67 लाख की ठगी

पेण्ड्रा. जिले के पेंड्रा में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक महिला को एक लाख रुपये के बदले पांच लाख रुपये का मुनाफा देने का लालच देकर कथित तौर पर 1 लाख 67 हजार रुपये की ठगी की गई. वर्ष 2022 में हुई इस घटना को लेकर महिला ने पहले दिल्ली के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी. अब सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार, पेंड्रा की पुरानी बस्ती निवासी 42 वर्षीय ज्योति गुप्ता पति दीपचंद गुप्ता ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2022 में मोबाइल के माध्यम से एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था. उसने एक लाख रुपये जमा करने पर पांच लाख रुपये का फायदा होने का लालच दिया. उसकी बातों में आकर महिला ने अलग-अलग किश्तों में यूपीआई के माध्यम से एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, इंदौर शाखा के एक खाते में कुल 1 लाख 67 हजार रुपये जमा कर दिए. इसके बाद उन्हें कोई रकम वापस नहीं मिली. महिला के मुताबिक, जब उन्होंने संबंधित मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया तो फोन बंद मिला. इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ. 11 मई 2022 को महिला ने दिल्ली के साइबर सेल में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के अनुसार, संबंधित बैंक खाते को होल्ड भी कराया गया था. दिल्ली साइबर सेल ने शिकायत को जीपीएम साइबर सेल भेजा था, जहां से महिला को थाना पेंड्रा में रिपोर्ट दर्ज कराने की सलाह दी गई थी. हालांकि, उस समय वह थाने में शिकायत दर्ज नहीं करा सकीं. सीएम हेल्पलाइन की शिकायत पर कार्रवाई के निर्देश सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायत की जांच उप पुलिस अधीक्षक के द्वारा की गई. जांच में महिला के बयान और प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने का उल्लेख किया गया है. इसके बाद 17 अक्टूबर को थाना प्रभारी पेंड्रा को शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई कर पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं.

म्यूल अकाउंट से करोड़ों मे लेन-देन, आरोपी को 3 साल की सजा

मुंगेली. साइबर अपराध के जरिए ठगी गई करोड़ों रुपये की रकम को बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त करने और उसके लेन-देन में खातों का इस्तेमाल करने के मामले में मुंगेली न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है. थाना सिटी कोतवाली मुंगेली के अपराध क्रमांक 77/2025 के अंतर्गत दर्ज प्रकरण में आरोपी संजीव खांडे को दोषी ठहराते हुए तीन वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है. सत्र न्यायाीिश मुंगेली गिरिजा देवी मेरावी ने यह निर्णय सुनाया. प्रकरण के अनुसार, आरोपी – संजीव खांडे, उम्र 38 वर्ष, पिता धनोरम, निवासी ग्राम बोदा, थाना फास्टरपुर, जिला मुंगेली पर अपने नाम से तथा अपने परिचितों के नाम से बैंक खाते खुलवाकर उनका उपयोग म्यूल अकाउंट के रूप में कराने का आरोप था. इन बैंक खातों के माध्यम से साइबर ठगी से प्राप्त लगभग 4 करोड़ 53 लाख 89 हजार 567 रुपये की राशि का लेन-देन किए जाने की बात सामने आई थी. थाना सिटी कोतवाली में दर्ज अपराध के इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 111, 317 (2), 317(4), 317 (5) एवं 3(5) के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था. प्रकरण की सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के आार पर न्यायालय ने आरोपी संजीव खांडे को धारा 317 (2) बीएनएस के तहत दोषी ठहराया और तीन वर्ष के सश्रम कारावास के साथ 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई. इसी प्रकरण के अन्य अभियुक्तों को न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है. साथ ही प्रकरण में कई आरोपी वर्तमान में फरार बताए गए हैं. 14 गवाहों के माध्यम से अभियोजन पक्ष ने रखा मामला- इस प्रकरण में लोक अभियोजक रजनीकांत सिंह ठाकुर ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की. उन्होंने कुल 14 गवाहों के माध्यम से न्यायालय के समक्ष प्रकरण को सिद्ध किया. न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत तथ्यों पर विचार करने के बाद आरोपी संजीव खांडे को संबंधित धारा के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई. न्यायालय के इस फैसले से साइबर ठगी की रकम के लेन-देन में बैंक खातों के कथित दुरुपयोग से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण न्यायिक कार्रवाई सामने आई है. वहीं, प्रकरण के फरार आरोपियों के संबंध में आगे की कार्रवाई की प्रतीक्षा है.

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