Bilaspur News Update : बिलासपुर. जिले के बिल्हा थाना क्षेत्र के घोघरा गांव में पुलिस ने किराना दुकान की आड़ में अवैध शराब बेचने के मामले का खुलासा किया है. तलाशी के दौरान दुकान में रखी सफेद प्लास्टिक की बोरी से 6.3 लीटर देशी शराब बरामद की गई. पुलिस ने मौके से 20 नग देशी प्लेन और 15 नग देशी मसाला शराब जब्त की. मामले में आरोपी प्रेम प्रसाद चतुर्वेदी को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई. पूरी कार्रवाई बिल्हा पुलिस की टीम ने की.

चलती कार की सनरूफ से बाहर निकलकर बनाया रील, वीडियो वायरल

बिलासपुर. शहर के कोनी-सेंदरी रोड पर रील बनाने के चक्कर में युवतियों की लापरवाही का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में CG 25 BH 7377 नंबर की चलती क्रेटा कार की सनरूफ से युवतियां बाहर निकलकर वीडियो बनाती नजर आ रही हैं. व्यस्त सड़क पर इस तरह की स्टंटबाजी से हादसे की आशंका जताई जा रही है. राहगीरों ने पूरी घटना को कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद मामले में संबंधित वाहन चालक और युवतियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठ रही है.

तखतपुर CMO अमरेश सिंह गिरफ्तार, जमानत खारिज, भेजे गए जेल

बिलासपुर. सड़क हादसे में दो लोगों की मौत के मामले में तखतपुर सीएमओ अमरेश सिंह को जरहागांव पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें जमानत नहीं मिलने पर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. पुराना कार्यस्थल पथरिया से पार्टी मनाकर लौटते समय तखतपुर सीएमओ ने तेज रफ्तार से कार चलाते हुए 1 अगस्त की इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि एक गंभीर रूप से घायल था. पुलिस ने तखतपुर सीएमओ की स्कोडा कार की पहचान होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया. जहां से जमानत नहीं मिलने पर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया. दो दिन पूर्व प्रार्थी विश्वनाथ बसोर निवासी शिक्षकनगर पंडरिया ने थाना जरहागांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 1 अगस्त को भाभी किरण बसोर अपने साथी के साथ बाइक से ग्राम हरदी शादी पार्टी के ऑर्डर काम से गई हुई थी. बरेला मेन रोड में गाय के झुंड को देखते हुए बाइक को साइड में खड़ी कर वे खड़े थे. उसी समय मुंगेली से बिलासपुर की ओर जा रही कार क्र. सीजी-15, डीएन- 3866 जिसमें सीएमओ (यूएडी) सीजी गर्वनमेंट लिखा था ने तेज गति से एवं लापरवाहीपूर्वक कार चलाते हुए गलत दिशा से जोरदार टक्कर मार दी. कार की टक्कर से किरण बसोर की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं अंजली बसोर व बाइक चालक को गंभीर चोट आने के कारण सिम्स में भर्ती कराया गया. जहां इलाज के दौरान अंजली बसोर की मौत हो गई. रिपोर्ट पर थाना जरहागांव में धारा 281,125 (ए), 105 बीएनएस के तहत कायम कर विवेचना में लिया गया. एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देशन में जरहागांव पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया. जांच में बात सामने आई कि आरोपी ने अत्यंत तेज एवं लापरवाही से वाहन चलाते हुए दुर्घटना की है. पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी की जानकारी एकत्रित कर अमरेश सिंह पिता परमानंद उम्र 58 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 4 महेश्वर कलोनी अंबिकापुर से घटनाकारित वाहन को कर एवं विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया.

लोन दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी

जांजगीर-चांपा. 1 करोड़ लोन दिलवाने का झांसा देकर फर्जी लोन स्वीकृति पत्र, मोनो, साइन व यूको बैंक के नाम का इस्तेमाल कर 10 लाख 87 हजार कैश, आरटीजीएस, फोन पे से लेकर जालसाजी का आरोपी इंदौर में पकड़ा गया. उसने स्वयं को बैंकिंग से जुड़ा बताकर यूको बैंक से 1 करोड़ लोन का झांसा दिया था. जब पीड़ित को अपने साथ हुए ठगी का एहसास हुआ तो उसने इसकी रिपोर्ट की. जानकारी के अनुसार शिवनगर, चांपा निवासी आशुतोष अग्रवाल ने 16 जून 2025 को थाना चांपा में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में उनकी पहचान अखबार के माध्यम से कुलदीप वशिष्ठ से हुई थी. आरोपी ने स्वयं को बैंकिंग कार्यों से जुड़ा बताते हुए यूको बैंक से 1 करोड़ रुपए का लोन स्वीकृत कराने का भरोसा दिया. आरोपी ने लोन स्वीकृति के नाम पर पहले 5 लाख रुपए फिक्स डिपॉजिट तथा 5 से 6 लाख रुपए अतिरिक्त खर्च होने की बात कही. भरोसा दिलाने के लिए उसने फर्जी लोन स्वीकृति पत्र, मोनो और फर्जी हस्ताक्षरों का उपयोग किया. झांसे में आकर प्रार्थी ने आरोपी को 1 लाख रुपए नकद, 25 हजार फोन-पे, 7 लाख आरटीजीएस तथा 2,54,285 रुपए विभिन्न किश्तों में ऑनलाइन भुगतान कर दिए. इस प्रकार आरोपी ने कुल 10,87,285 रुपए की धोखाधड़ी की. शिकायत के आधार पर थाना चांपा में धारा 420 भादवि में मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई. जांच के दौरान साइबर तकनीकी के माध्यम से आरोपी का पता लगाया गया. पुलिस टीम ने इंदौर (मध्यप्रदेश) पहुंचकर आरोपी कुलदीप वशिष्ठ को हिरासत में लिया. पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर चांपा लाया गया, कुलदीप वशिष्ठ पिता स्व. दिनेश वशिष्ठ उम्र 41 वर्ष निवासी फ्लैट नंबर 602 चिलफी हाईट भाव नगर साई बाबा मंदिर के पास हॉउसिग बोर्ड कॉलोनी रायपुर हालमुकाम एलाईट अपेक्स महालक्ष्मी नगर इंदौर थाना लसूड़िया जिला इंदौर म.प्र. को न्यायिक हिरासत में भेजा गया.

प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री के खिलाफ औषधि विभाग अलर्ट

कोरबा. बिना प्रिस्क्रिप्शन के प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री को लेकर राज्य नियंत्रक खाद्य व औषधि प्रशासन अलर्ट मोड पर है. प्रतिबंधित दवाओं के बिक्री के खिलाफ दवा दुकानों की जांच की गई. औचक निरीक्षण में कई दवा दुकानों में अनियमितता मिली है. औषधि विभाग के निरीक्षक व पुलिस की संयुक्त टीम के द्वारा मेडिकल स्टोर्स में बिना प्रिस्क्रिप्शन के प्रतिबंधित औषधियों के व्यापार पर नियंत्रण के लिए औचक निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में पुराना बस स्टैंड स्थित जायसवाल मेडिकल स्टोर्स, वर्षा मेडिको, बोहरा मेडिकल स्टोर्स, धनवंतरी जेनरिक मेडिकल व दीपक मेडिकल स्टोर्स में औचक निरीक्षण की कार्रवाई की गई. जांच के दौरान मनः प्रभावी औषधियों व एंटीबायोटिक के क्रय-विक्रय अभिलेख की उपलब्ध स्टॉक के साथ मिलान किया गया. फर्म में अवसान तिथि की औषधियों व जानवरों के उपयोग की औषधियों को नियमानुसार अलग बॉक्स में लेबल कर रखने के निर्देशित किया गया. उक्त फर्मों को वैध थोक विक्रेता से ही वैध बिल में औषधि खरीदी करने कहा गया. शासन के द्वारा सूचीबद्ध उच्च श्रेणी की एंटीबायोटिक औषधियों के विक्रय के लिए रजिस्टर संधारित कर मरीज व चिकित्सक का नाम दर्ज करने निर्देशित किया गया. निरीक्षण में जिन मेडिकल स्टोर्स में मौके पर अनियमितता प्राप्त हुई है उन फर्मों में औषधि नियमावली के अनुसार प्रशासनिक कार्रवाई प्रस्तावित के लिए कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाएगा. अधिकारियों ने बताया कि औषधि नियम के अनुसार नशे के रूप दुरुपयोग होने वाली औषधियों को बिना प्रिस्क्रिप्शन के बिक्री किया जाना पूर्णरूपेण प्रतिबंधित है. जिले के समस्त ब्लाकों के मेडिकल स्टोर्स के नशीली दवाओं के अवैध विक्रय में नियंत्रण के लिए आगामी समय में इसी – प्रकार औषधि व पुलिस विभाग द्वारा – संयुक्त रूप से चरणबद्ध तरीके से – कार्रवाई की जाएगी. कार्रवाई के दौरान खाद्य व औषधि विभाग के सहायक औषधि नियत्रंक महेन्द्र कुमार देवांगन, औषधि निरीक्षक सुनील सांडे व सिटी कोतवाली से पुलिस बल मौजूद रहे.

पूर्व में जारी किए गए कारण बताओ सूचना पत्र के जवाब के आधार पर औषधि नियमों के अनियमितताओं के आधार पर श्रेया मेडिकल स्टोर्स कनकी, सागर मेडिकल स्टोर्स कोहडिया व श्रीराम मेडिकल स्टोर्स फतेहगंज के औषधि अनुज्ञप्ति का निलंबन पत्र जारी किया गया. निलंबन अवधि के दौरान फर्म से औषधियों का क्रय विक्रय नहीं किया जाएगा. अन्य फर्मों के जवाब प्राप्ति उपरांत अग्रिम कार्रवाई किया जाना प्रस्तावित है. 

विभाग के द्वारा विगत दिनों में किए गए निरीक्षण के आधार पर आद्या मेडिकल पोड़ीबहार, गायत्री मेडिकल एजेंसी बालको, रेडक्रास मेडिकल स्टोर्स पुराना बस स्टैंड व लाइफ केयर मेडिकल स्टोर्स गेवरा बस्ती को अनियमितता पाए जाने पर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

निरीक्षण के दौरान जांच के लिए कोरबा सिटी, करतला व कटघोरा स्थित मेडिकल स्टोर्स से एंटीबायोटिक के 6 औषधि नमूनों का संकलन किया गया. जिसे परीक्षण के लिए राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है. उक्त औषधि नमूनों की जांच परिणाम उपरांत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

शराब दुकान के 2 गार्ड को बंधक बनाकर चाकू से किया हमला

बिलासपुर. बीती रात चार नकाबपोशों ने सरकारी शराब दुकान की रखवाली कर रहे दो सिक्यूरिटी गार्ड से मारपीट कर चाकू से हमला किया और उनके दोनों के हाथ बांधकर बंधक बना लिया. उसके बाद शराब दुकान के लॉकर को तोड़ने लगे, लाकर नहीं टूटने पर नकाबपोश आरोपी 25 हजार की कीमती शराब, बीयर, सीसीटीवी कैमरा, डीवीआर, गार्ड का एक मोबाइल लूटकर भाग गए. पुलिस नकाबपोशों का सुराग नहीं लगा पाई है.

जानकारी के अनुसार, 2 अगस्त की रात 10 बजे गतौरा सरकारी शराब दुकान के बंद होने के बाद मस्तूरी निवासी सोहेल राय, रिस्दा निवासी हरकुमार गार्ड की नौकरी कर रहे थे. रात 3.30 बजे सोहेल राय टेबल पर बैठा हुआ था और हरकुमार मोबाइल देख रहा था. इसी दौरान दो दिशाओं से चार नकाबपोश आए और चाकू अड़ाकर जान से मारने की धमकी देते हुए शराब दुकान की चाबी मांगने लगे. दोनों ने चाबी नहीं होने की बात कही तो दोनों के साथ मारपीट करते हुए हरकुमार पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसके चेहरे में चोट आई है. उसके बाद बाहर में दोनों के हाथ बांधकर एक गार्ड से मोबाइल लूट लिया. फिर नकाबपोश शराब दुकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे और लॉकर तोड़ने का भरपूर प्रयास किया. लाकर नहीं टूटने पर वे कीमती 17 बोतल शराब, बीयर सहित सीसीटीवी कैमरा, स्कैनर, डीवीआर लेकर दो बाइक से भाग गए. पुलिस ने दोनों गार्ड से पूछताछ के बाद अज्ञात नकाबपोशों के खिलाफ बीएनएस की धारा 309, 1, 309, 2, 309, 6, 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है.

रात भर पड़े रहे दोनों गार्ड

लुटेरों के भागने के बाद दोनों चौकीदार घायल अवस्था में बंधक बनकर रात भर शराब दुकान में पड़े रहे. सुबह होने पर गांव के लोगों का आनाजाना शुरू हो गया. दोनों चौकीदार मदद के लिए गुहार लगाते रहे, किन्तु कोई दोनों के मदद के लिए नहीं जा रहा था. एक राहगीर के द्वारा मोबाइल पर सूचना देने पर पेट्रोलिंग पार्टी मौके पर पहुंची और दोनों गार्ड के हाथ की रस्सी खोली गई. कुछ देर बाद शराब दुकान के कर्मचारी व कंपनी के लोग दुकान पहुंचे.

मस्तूरी टीआई कृष्णचंद सिदा ने कहा कि एक गार्ड पर चाकू से हमला किया गया है. उसके बाद दोनों गार्ड को बंधक बनाकर शराब दुकान के लॉकर को तोड़ने की कोशिश की गई. नहीं टूटने पर 25 हजार का शराब, सीसीटीवी कैमरा, डीवीयार, एक मोबाइल लूटकर नकाबपोश भाग गए है, उनकी तलाश की जा रही है.

मलेरिया से एक की मौत, 2 नए मरीज मिले

बिलासपुर. स्वास्थ्य विभाग मलेरिया रोकने में नाकाम साबित हो रहा है. सीपत क्षेत्र के अदराली गांव में 17 वर्षीय बच्चे की मौत 29 जुलाई को सिम्स अस्पताल में हो गई है. वहीं सोमवार को कोटा में एक बार फिर 2 नए मरीज मिले हैं. स्वास्थ्य विभाग का मलेरिया विंग महज कोटा क्षेत्र में मलेरिया के मरीज तलाश रहा है, वहीं बीते दिनों सीपत क्षेत्र के बच्चे की मौत मलेरिया के संक्रमण के चलते हो गई है. बताया जा रहा है कि सीपत के ग्राम अदराली के 17 वर्षीय स्कूली बच्चे दिनेश ओडे (भगत) पिता अनुप सिंह की तबीयत एक हफ्ते से खराब थी, उसे सीपत के 2 दिनों तक वंश अस्पताल में भर्ती किया गया था, लेकिन इसकी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा था. जिसके बाद परिजनों ने उसे सिम्स ले जाना चाहा, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई. बच्चे के नाना रामनाथ मरावी ने बताया कि बच्चे की तबीयत बेहद खराब थी, बुखार बेहद बढ़ चुका था. मेडिकल रिपोर्ट में फाल्सीपेरम मलेरिया की पुष्टि हुई थी. जिसे सिम्स ले जाया जा रहा था. खास बात यह है कि मलेरिया से मौत की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को भी नहीं है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग कामकाज पर सवालिया निशान लग रहे है. बताया जा रहा है कि सोमवार को कोटा ब्लाक में एक बार फिर दो मरीज सामने आए है जिसके बाद एक्टिव केस की संख्या 18 हो चुकी है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अबतक 40 से अधिक मलेरिया के मरीज जिले में मिल चुके है लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे मलेरिया मरीजों की जानकारी नहीं है. मलेरिया  अधिकारी बीके वैष्णव ने बताया कि कोटा में 2 मलेरिया के मरीज मिले है, सीपत क्षेत्र में मलेरिया के मरीज मिलने की जानकारी नहीं है. टीम से जानकारी ली जाएगी.

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