Bilaspur News Update : बिलासपुर. देश के महान कवि, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं साहित्यकार पं. माखनलाल चतुर्वेदी की केन्द्रीय जेल के सामने 2 नवंबर को प्रतिमा का अनावरण किया गया. नगर निगम द्वारा निर्मित एवं स्थापित पंडित जी की प्रतिमा के नीचे उनका नाम अंकित है, जिसमें गंभीर मात्रात्मक त्रुटि है. इसे कोई अधिकारी पकड़ नहीं सका और उसी हाल में उप मुख्यमंत्री अरुण साव से प्रतिमा का अनावरण करवा दिया गया. देश के मूर्धन्य कवि के नाम के आगे उपनाम में भारी त्रुटि की गई है. पं. माखनलाल चतुर्वेदी की प्रतिमा के नीचे अंकित नाम के बाद उनके उपनाम में चतुर्वेदी की जगह चतुर्वेदी कर दिया गया है. सबसे अहम बात यह है कि किसी भी प्रतिमा का अनावरण करने के पहले प्रतिमा एवं शिलालेख में अंकित किए जाने वाले शब्दों एवं अनावरण करने वाले अतिथियों के नाम, तारीख आदि का पहले से बाकायदा बारीकी से जांच परीक्षण किया जाता है. प्रूफ रीडिंग आदि की प्रक्रिया के बाद ही इसे तैयार करने का आर्डर दिया जाता है, इस मामले में गंभीर लापरवाही हो गई है. ज्ञात हो कि केन्द्रीय जेल बिलासपुर में ही रहते हुए पंडित चतुर्वेदी ने 18 फरवरी 1922 को अपनी अमर कविता पुष्प की अभिलाषा की रचना की थी. जिस जेल में हिंदी की यह महान कविता लिखी गई, उसी परिसर में हिंदी का मजाक बना दिया गया. अधिकारियों ने बताया कि शिलालेख एवं मूर्ति आदि पर अंकित किए जाने वाले मेटर, शब्दों आदि की जांच के लिए निगम आयुक्त अधिकृत हैं वहीं जिला स्तर पर तैयार किए जाने वाले शिलालेख, अनावरण पत्थर आदि की जांच परीक्षण का जिम्मा जिला प्रशासन के अधीन होता है. इन उच्च अधिकारियों के परीक्षण, पूरफ रीडिंग उपरांत ही प्रिंट एवं निर्माण आदि की प्रक्रिया की जाती है. क्या इस मामले में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है? यदि किया गया है तो फिर यह गंभीर त्रुटि कैसे हो गई? नगर निगम उपायुक्त खजांची कुम्हार ने कहा कि शहर में प्रिंट का काम प्राइवेट प्रिंटर वालों से कराया जाता है. जब जरूरत होती है उसी समय तैयार कराया जाता है, पहले से बनवाकर नहीं रखते क्योंकि खराब हो जाता है. अनुमोदन की प्रक्रिया का पालन किया जाता है.
पोते ने की दादी की हत्या
बिलासपुर. पचपेड़ी थाना क्षेत्र के ग्राम लोहर्सी सतनामी पारा में रिश्तों को शर्मसार करने वाली नृशंस हत्या का मामला सामने आया है. बाहर आने-जाने से मना करने की बात से नाराज पोते ने अपनी ही 65 वर्षीय दादी के सिर पर लकड़ी के खुरा से ताबड़तोड़ वार कर उनकी हत्या कर दी. वारदात के बाद आरोपी ने फोन कर अपने पिता को हत्या की जानकारी दी. सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया. पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है. जानकारी के अनुसार मृतिका नरबद बाई कोशले पति स्व. तिरिथ राम कोशले ग्राम लोहर्सी सतनामी पारा में रहती थीं. 2 नवंबर की रात करीब 10:22 बजे उनके भाई भागवत महिलांगे को उनके भांजे सजन कोशले का फोन आया. सजन ने बताया कि उसके बेटे मृत्युजय कोशले उर्फ बब्बू कोशले ने फोन कर अपनी दादी नरबद बाई कोशले की हत्या करने की जानकारी दी है. आरोपी ने फोन पर बताया कि उसकी दादी उसे हमेशा बाहर आने-जाने से मना करती थीं. इसी बात से नाराज होकर उसने लकड़ी के खुरा से दादी के सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी. हत्या की सूचना मिलने पर मृतिका का भाई भागवत महिलांगे अपने पड़ोसियों सुनील बंजारे और सुखसागर भारद्वाज के साथ भांजे सजन कोशले के घर पहुंचा. घर का दरवाजा अंदर से बंद था. इसके बाद पीछे की खिड़की से झांककर देखा तो नरबद कोशले खाट पर उल्टी पड़ी थीं और उनके पैर दिखाई दे रहे थे. घटना की सूचना तत्काल डायल 112 को दी गई. मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने आवाज देकर दरवाजा खुलवाया. अंदर जाने पर नरबद कोशले खाट पर मृत अवस्था में मिलीं. उनके सिर में गंभीर चोट थी और खून बह रहा था. परिजनों की सूचना पर पचपेड़ी पुलिस ने मर्ग क्रमांक 72/2026, धारा 194 बीएनएसएस के तहत मामला कायम कर शव पंचनामा की कार्रवाई शुरू की है. पचपेड़ी टीआई कमला पुसाम ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया था. सूचना पर पुलिस की टीम ने मौके पर जाकर आरोपी मृत्युजय कोशले को गिरफ्तार कर लिया है. वही आगे की कार्रवाई की जा रही है.
दुर्ग-बरौनी के बीच आज से चलेगी पूजा स्पेशल ट्रेन
बिलासपुर. दीपावली और छठ पूजा त्यौहार के दौरान अतिरिक्त भीड़ को ध्यान में रखते हुये उन्हें कंफर्म बर्थ के साथ यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु दुर्ग-बरौनी-दुर्ग के मध्य 03-03 फेरों के लिए दीपावली और छठ पूजा फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है. गाड़ी संख्या 08755 दुर्ग-बरौनी पूजा स्पेशल ट्रेन दुर्ग से प्रत्येक बुधवार दिनांक 04, 11 एवं 18 नवम्बर 2026 को चलेगी. इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08756 बरौनी-दुर्ग पूजा स्पेशल ट्रेन बरौनी से प्रत्येक गुरुवार दिनांक 05, 12 एवं 19 नवम्बर 2026 को चलेगी. इस गाड़ी का वाणिज्यिक ठहराव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर, भाटापारा, बिलासपुर, चांपा एवं रायगढ़ स्टेशनों में दिया गया है. स्पेशल ट्रेन की समय-सारणी- गाड़ी संख्या 08755 दुर्ग-बरौनी पूजा स्पेशल ट्रेन दुर्ग से प्रत्येक बुधवार 04, 11 और 18 नवम्बर 2026 को 10.30 बजे रवाना होगी.
नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में बरी करने का फैसला पलटा
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नाबालिग से छेड़छाड़ के करीब नौ साल पुराने मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी साधन कुंडू को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 ए (1) (आई) के तहत दोषी ठहराया है. कोर्ट ने इस अपराध से बरी करने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को निरस्त कर दिया. हालांकि अन्य धाराओं के तहत आरोपी को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा है. जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ ने 2 नवंबर 2026 को राज्य सरकार की अपील पर यह फैसला सुनाया. मामले के अनुसार, पीड़िता के पिता ने 10 मई 2017 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 24 जनवरी 2017 को सुबह 10 से 11 बजे के बीच आरोपियों ने उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया. वहां उसके सिर पर सिंदूर लगाया और उसके साथ छेड़छाड़ की. आरोप था कि इस घटना का अश्लील वीडियो भी बनाया गया तथा आरोपी क्रमांक दो ने अपने भाई साधन कुंडू से शादी करने के लिए पीड़िता पर दबाव डाला. आरोपी साधन कुंडू ने शादी नहीं करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल भी किया. पुलिस ने भारतीय दंड संहिता, पॉक्सो एक्ट और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच के बाद चालान पेश किया था. विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट भानुप्रतापपुर ने 15 फरवरी 2019 को दोनों आरोपियों को विभिन्न आरोपों से बरी कर दिया था.
हाईटेक सट्टा के रैकेट का मास्टर माइंड महाराष्ट्र से गिरफ्तार
जांजगीर. जिला मुख्यालय के न्यू चंदनिया पारा में हाईटेक सट्ट के रैकेट का मास्टर माइंड महाराष्ट्र में पकड़ा गया. जिसके बैंक खाते को फ्रिज कर दिया गया है. बता दें कि मामले के 6 आरोपी पहले ही धरे जा चुके हैं. इस संबंध साइबर थाना में से सूचना प्राप्त हुई थी कि न्यू चंदनियापारा लिंक रोड जांजगीर निवासी हेमलाल यादव अपने मोबाइल फोन के माध्यम से अवैध रूप से ऑनलाईन सट्टा संचालित कर रहा है. सूचना की तस्दीक हेतु साइबर थाना पुलिस टीम ने रेड डालकर पूछताछ किया तो आरोपी हेमलाल यादव ने बीडीजी बिग डैडी गेम नामक ऑनलाईन सट्टा गेम खेलने और इसका बड़ा नेटवर्क होने का खुलासा किया. उसने बताया कि उसे इस खेल की आईडी शैलेंद्र कुमार शर्मा द्वारा उपलब्ध कराई गई थी. तकनीकी साक्ष्यों और हेमलाल के मेमोरेंडम के आधार पर मुख्य संचालक शैलेंद्र कुमार शर्मा को पुलिस हिरासत में लिया. शैलेंद्र की निशानदेही पर पुलिस ने अन्य चार आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था, शैलेन्द्र शर्मा के द्वारा के द्वारा अब तक लगभग लाखों रूपये का आनलाईन सट्टा का संचालन करना पाया गया था, पूछताछ पर किरण साल्वे के द्वारा टेलीग्राम में ईगल बीडीजी गेम नाम का टेलीग्राम चैनल बनाकर शैलेन्द्र शर्मा को जांजगीर एडमिन बनाया था, किरण साल्वे के माध्यम से पैसे का लेनदेन बीडीजी गेम में पैसा डालने के लिए होता था, जिसमे जब जब उक्त बीडीजी गेम मी पैसा डाला जाता था तो पहले शैलेन्द्र शर्मा को कमीशन मिलता था एवं सबसे ऊपर किरण साल्वे को जांजगीर जिले से जितने भी लोग पैसा उक्त अप्लिकेशन बीडीजी गेम में डालते थे उसका सभी का कमीशन मिलता था. टेलीग्राम चैनल के चैटिंग, व्हाट्सअप के चैटिंग एवं पैसे के लें देंन के आधार पर किरण साल्वे को आरोपी बनाया गया और साइबर टीम जांजगीर के द्वारा पुणे महाराष्ट्र से आरोपी को गिरफ्तार कर जांजगीर लाया गया, न्यायालय के समक्ष पेश किया गया. पारंपरिक जुए की बजाय मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल और यूएसडीटी (क्रिप्टो डिजिटल करेंसी) के माध्यम से हो रहे वित्तीय लेन देन के मामले में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेधद्ध अधिनियम 2022 की धारा 07 एवं बीएनएस की धारा 112 (2) के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी किरण महादु साल्वे पिता अलमता साल्वे निवासी दत्ता नगर थाना दौड़ जिला पुणे महाराष्ट्र को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है.
34 कट्टा अवैध धान पकड़ाया
रायगढ़. छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही रायगढ़ प्रशासन ने धान माफियाओं और बिचौलियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. 15 नवंबर से शुरू होने वाली खरीदी में अवैध धान को खपाने की साजिशों को नाकाम करने के लिए प्रशासन ने सीमाओं से लेकर गांवों तक अपनी चौकसी बढ़ा दी है और एक्शन मोड में आ गया है. और जिले की सीमाओं पर 20 चेकपोस्ट एक्टिव कर दिए गए हैं. धान खरीदी केंद्रों में अवैध धान खपाने के जीरो टॉलरेंस लेकर बनाई गई रणनीति के तहत प्रशासन की बड़ी कार्रवाई सामने आई है. सोमवार को लैलूंगा ब्लॉक के ग्राम मुकड़ेगा में देखने को मिला. एसडीएम लैलूंगा की विशेष टीम ने मुखबिर की सूचना पर सुदूराम चौहान के ठिकाने पर दबिश दी और वहां डंप करके रखा गया 34 कट्टा लगभग 14 क्विंटल अवैध धान बरामद किया. प्रशासन ने तत्काल मंडी अधिनियम के तहत जब्ती की कार्रवाई की है जिससे इलाके के अन्य कोचियों में भी हड़कंप मच गया है. इस बार प्रशासन की नजर सिर्फ स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि अंतरराज्यीय तस्करी रोकने पर भी है. पड़ोसी राज्यों से सस्ते धान को लाकर यहां खपाने की कोशिशों को विफल करने के लिए जिले में 20 अंतरराज्यीय चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं. इन नाकों पर तीन शिफ्टों में चार अलग-अलग टीमें 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी. निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के लिए रायगढ़, लैलूंगा, तमनार, खरसिया, धरमजयगढ़ समेत सभी प्रमुख तहसीलों में राजस्व, खाद्य और सहकारिता विभाग के अधिकारियों का संयुक्त उड़नदस्ता दल बनाया गया है. जिला स्तरीय समिति भी इस पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रही है. प्रशासन की इस शुरुवाती कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस साल अवैध धान परिवहन और भंडारण करने वालों की खैर नहीं है.

हनुमान मंदिर में दानपेटी का ताला तोड़कर चोरी
कोरबा. शहर के प्रसिद्ध सिद्ध हनुमान मंदिर मे चोरों ने रहस्यमयढंग से चोरी को अंजाम दे दिया. शातिर चोरों ने चांदी के मुकुट सहित किसी अन्य सामान को हाथ भी नही लगाया. चोरों ने हनुमान जी के सामने रखे दानपेटी का ताला तोड़कर नगदी रकम को पार कर दिया. साथ ही देवी प्रतिमा के सामने रखे दानपेटी को लेकर फरार हो गए. मामले में पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद से आरोपियों की पतासाजी शुरू कर दी है. सिविल लाइन थानांतर्गत कोसाबाड़ी स्थित वन विभाग के आवासीय परिसर में सिद्ध हनुमान मंदिर स्थित है, जिसके ठीक पीछे मंदिर के पुजारी सौरभ मिश्रा का आवास है. वे प्रतिदिन की तरह सोमवार की रात मंदिर का पट बंद कर घर चले गए. पुजारी मंगलवार की तड़के मंदिर में पूजा करने पहुंचे. वे जैसे ही ताला खोलकर मंदिर के भीतर पहुंचे, नजारा देख उनके होश उड़ गए. मंदिर के भीतर सारे सामान अस्त व्यस्त थे. मंदिर के बाजू का दरवाजा खुला था. दरवाजे को बंद करने पीछे लगाए गए लोहे के पटरी को तोड़ा के पीछे झाड़ियों तक पहुंचा. संभावना जताई जा रही है कि चोर चोरी को अंजाम देने के बाद इसी रास्ते से भागे होंगे. पुजारी श्री मिश्रा ने बताया कि दानपेटी को अंतिम बार चैत्र नवरात्र में खोला गया था. संभवतः दानपेटी से चोरों ने 60 हजार से अधिक की चोरी की होगी. बहरहाल मामले में पुलिस ने आरोपियों की पतासाजी शुरू कर दी है. कोसाबाड़ी स्थित सिद्ध हनुमान मंदिर के दरवाजे में पुजारी ताला लगाकर गए थे, वह जस के तस था. वहीं मंदिर के बाजू के दरवाजे में भीतरी हिस्से पर लोहे का पटरी लगाया गया था, जिसे भीतर से ही तोड़ा गया है. आशंका जताई जा रही है कि चोर पहले ही मंदिर में घुसा होगा. वह मंदिर के भीतर दरी से ढंके कुर्सी के नीचे छिपा रहा होगा. उसने मौका मिलते ही चोरी को अंजाम देने के बाद दरवाजे के पीछे लगे लोहे के पटरी को तोड़कर भागा होगा.
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