हेमंत शर्मा, इंदौर। कांग्रेस की राजनीति में एक बार फिर आपराधिक मामलों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इंदौर में कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाए गए मोहम्मद आरिफ नसीम खान को लेकर भाजपा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर सीधा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस ने ऐसे व्यक्ति को इंदौर में संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपी है, जिन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान अपने चुनावी हलफनामे में सात आपराधिक प्रकरण घोषित किए थे।

भाजपा ने सवाल उठाया है कि जो पार्टी लोकतंत्र, संविधान और राजनीतिक शुचिता की बात करती है, वह संगठन की जिम्मेदारी सौंपते समय आपराधिक मामलों में नाम आने वाले चेहरों को कैसे आगे कर रही है? यादव ने राहुल गांधी, जीतू पटवारी और हरीश चौधरी से इस नियुक्ति पर जवाब मांगा है।

चुनावी हलफनामे में सात आपराधिक प्रकरण

भाजपा प्रवक्ता राकेश सिंह यादव के मुताबिक, मोहम्मद आरिफ नसीम खान ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में मुंबई की चांदिवली विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था। उस दौरान दाखिल चुनावी हलफनामे में उन्होंने सात आपराधिक प्रकरण घोषित किए थे।यादव ने इन मामलों का हवाला देते हुए कहा कि घोषित प्रकरणों में भारतीय दंड संहिता की धारा 354, 506 और 324 के साथ धारा 143, 147 और 149 का भी उल्लेख है। इनमें महिला की गरिमा भंग करने, आपराधिक धमकी, खतरनाक हथियार से चोट पहुंचाने और गैरकानूनी जमावड़े तथा दंगे से संबंधित आरोप शामिल हैं।भाजपा का सवाल है कि जब चुनावी हलफनामे में इन मामलों का विवरण मौजूद था, तो क्या कांग्रेस नेतृत्व को इसकी जानकारी नहीं थी? क्या इंदौर जैसे महत्वपूर्ण शहर में संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपने से पहले इन तथ्यों पर विचार नहीं किया गया?

क्या कांग्रेस में दूसरा चेहरा नहीं मिला?

राकेश सिंह यादव ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को घेरते हुए कहा कि इंदौर में संगठनात्मक जिम्मेदारी देने के लिए क्या कांग्रेस के पास कोई दूसरा चेहरा नहीं था? उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक तरफ राजनीतिक शुचिता और संविधान की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ अपने संगठनात्मक फैसलों में इन्हीं सवालों का सामना कर रही है।भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इंदौर मां अहिल्या की नगरी है और यहां संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपने के लिए सार्वजनिक जीवन की छवि और जवाबदेही जैसे पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।

राहुल गांधी से भी भाजपा ने मांगा जवाब

भाजपा ने इस मामले में राहुल गांधी को भी घसीटते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस अब आपराधिक प्रकरणों का सामना कर रहे लोगों के भरोसे संगठन और सत्ता की राजनीति करना चाहती है?यादव ने कहा कि कांग्रेस को बताना चाहिए कि संगठन में जिम्मेदारी देने के उसके मापदंड क्या हैं। क्या किसी व्यक्ति के चुनावी हलफनामे में घोषित आपराधिक मामलों की जानकारी को नियुक्ति के समय महत्व नहीं दिया जाता? क्या पार्टी नेतृत्व ने आरिफ खान के मामले में कोई समीक्षा की थी?

राकेश सिंह यादव ने जीतू पटवारी के सामने चार सवाल रखे हैं—

  1. क्या कांग्रेस को मोहम्मद आरिफ खान के 2024 के चुनावी हलफनामे में घोषित सात आपराधिक प्रकरणों की जानकारी नहीं थी?
  2. क्या कांग्रेस में संगठनात्मक जिम्मेदारी सौंपने से पहले संबंधित व्यक्ति के आपराधिक मामलों और सार्वजनिक आचरण की समीक्षा नहीं की जाती?
  3. क्या इंदौर जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर में संगठन की जिम्मेदारी देने के लिए कांग्रेस को कोई दूसरा चेहरा नहीं मिला?
  4. क्या कांग्रेस लोकतंत्र और संविधान की बात करने के साथ अपने संगठनात्मक चयन के मापदंडों पर भी जवाब देगी?

कांग्रेस की राजनीति पर भाजपा ने खड़े किए सवाल

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह फैसला उसके राजनीतिक दावों और संगठनात्मक चयन के बीच विरोधाभास दिखाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि उसकी राजनीति का आधार लोकतांत्रिक मूल्य और सार्वजनिक जवाबदेही हैं या संगठनात्मक नियुक्तियों में इन बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है।यादव ने राहुल गांधी और जीतू पटवारी से पूरे मामले पर सार्वजनिक जवाब देने की मांग की है।अब इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व का जवाब महत्वपूर्ण होगा। भाजपा ने चुनावी हलफनामे में घोषित सात आपराधिक प्रकरणों को आधार बनाकर नियुक्ति पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, हलफनामे में दर्ज मामले आरोप और लंबित प्रकरण हैं,

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