रांची। झारखंड में इंडिया ब्लॉक के आंदोलन के जवाब में भाजपा ने भी सड़क पर उतरकर राजनीतिक मोर्चा खोल दिया है। भाजपा ने राजधानी रांची में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान की शुरुआत करते हुए विशाल पदयात्रा निकाली। मोरहाबादी मैदान से ओल्ड जेल स्थित बिरसा मुंडा संग्रहालय तक निकली इस पदयात्रा में केंद्रीय मंत्रियों से लेकर प्रदेश के कई दिग्गज नेता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
यह प्रदर्शन इंडिया ब्लॉक की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने, उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया रद्द करने की मांग के विरोध में आयोजित किया गया।
केंद्रीय मंत्रियों समेत भाजपा के दिग्गज नेता हुए शामिल
पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव, झारखंड भाजपा प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मंत्री एवं विधायक सीपी सिंह, जदयू विधायक सरयू राय और रांची की मेयर रौशनी खलखो शामिल हुईं। नेताओं ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर राजनीति करने और देश के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया।
बाबूलाल मरांडी बोले- राहुल गांधी और विपक्षी नेता ‘दिमागी नक्सल’
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक पर तीखा हमला बोला। उन्होंने विपक्षी नेताओं को ‘दिमागी नक्सल’ करार देते हुए आरोप लगाया कि वे देश में बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को बनाए रखना चाहते हैं। मरांडी के मुताबिक, यही वजह है कि विपक्ष एसआईआर का विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश को ऐसी सोच से बचाने के लिए अभियान चला रही है।
अर्जुन मुंडा का तंज- सड़क पर ‘मॉक संसद’ चलाना नौटंकी
पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने विपक्षी सांसदों के प्रदर्शन पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता ने सांसदों को संसद के भीतर अपनी बात रखने के लिए चुना है, लेकिन वे बाहर सड़क पर ‘मॉक संसद’ चला रहे हैं। उनके अनुसार, विपक्षी नेता जनता के सामने हास्यास्पद स्थिति पैदा कर रहे हैं और खुद को नौटंकी आर्टिस्ट साबित करने में लगे हैं।
1984 के सिख दंगों को लेकर सीपी सिंह ने कांग्रेस को घेरा
विधायक सीपी सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आपातकाल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी के शासनकाल में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया गया था। उन्होंने विपक्षी गठबंधन को ‘टुकड़े-टुकड़े गैंग’ बताते हुए 1984 के सिख दंगों का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप था कि विपक्ष को इस घटना पर पश्चाताप करना चाहिए, लेकिन वह विरोध प्रदर्शनों में व्यस्त है।

आदित्य साहू का ऐलान- हर जिले में होगा प्रदर्शन
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के जरिए जनता को विपक्ष की राजनीति से अवगत कराया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में नेहरू-गांधी परिवार को प्राथमिकता दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि एक गरीब परिवार से आने वाला व्यक्ति आज देश का नेतृत्व कर रहा है और गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रहा है। साहू ने ऐलान किया कि भाजपा राज्य के प्रत्येक जिले में इसी तरह प्रदर्शन करेगी।
जुएल उरांव बोले- भारत में भी बांग्लादेश और नेपाल जैसे हालात चाहता है विपक्ष
केंद्रीय मंत्री जुएल उरांव ने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी भारत में भी बांग्लादेश और नेपाल जैसे हालात पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश के जागरूक मतदाता सब समझते हैं और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को हटाना आसान नहीं है।
वहीं, झारखंड भाजपा प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी समय-समय पर एसआईआर की प्रक्रिया अपनाई गई है। ऐसे में मतदाता सूची से फर्जी नाम हटाने की प्रक्रिया का विरोध करना उचित नहीं है।
भाजपा के इस शक्ति प्रदर्शन के जरिए झारखंड में सत्तारूढ़ विपक्षी गठबंधन के खिलाफ राजनीतिक जवाबी अभियान को सड़क पर उतारने का संदेश दिया गया।

