गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम में मशहूर टूरिस्ट स्पॉट ‘लेपर्ड ट्रेल’ वाले इलाके से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां अरावली की पहाड़ियों के बीच घनी झाड़ियों से एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ है। मृतका की उम्र करीब 30 साल के आसपास बताई जा रही है। वारदात का खुलासा उस समय हुआ जब रविवार सुबह कुछ स्थानीय ग्रामीण अरावली की पहाड़ियों पर रोजाना की तरह सैर करने के लिए निकले थे। इसी दौरान उन्हें रास्ते के पास की झाड़ियों से असहनीय तेज बदबू आई, जिसके बाद मामला संदिग्ध लगा।

सैर पर निकले ग्रामीणों ने देखा, मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम

जब ग्रामीण बदबू की दिशा में झाड़ियों के थोड़ा और करीब गए, तो वहां एक महिला की लाश पड़ी देख उनके होश उड़ गए। ग्रामीणों ने बिना एक पल गंवाए तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पहाड़ियों में लाश मिलने की खबर मिलते ही बादशाहपुर थाना पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स यानी अपराध स्थल से वैज्ञानिक सबूत जुटाने वाली टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल को सील करके बारीकी से मुआयना किया। फॉरेंसिक टीम ने मृतका के शरीर और आसपास की जगह से उंगलियों के निशान और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं, ताकि यह साफ हो सके कि वारदात को किसने अंजाम दिया।

लाश को ठिकाने लगाने की आशंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

बादशाहपुर थाना प्रभारी विजय पाल ने बताया कि शव काफी हद तक सड़ चुका था, जिससे अंदेशा है कि मौत कुछ दिन पहले हुई है। पुलिस को शक है कि महिला की हत्या किसी और जगह पर की गई है और पकड़े जाने के डर से लाश को छुपाने के लिए अरावली की इन सुनसान पहाड़ियों और झाड़ियों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में भिजवा दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि मौत की असली वजह और समय का सटीक खुलासा डॉक्टरों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

CCTV फुटेज और मोबाइल का डंप डेटा खंगाल रही पुलिस

पुलिस इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने के लिए हर पहलू से तफ्तीश कर रही है। लेपर्ड ट्रेल और अरावली की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि पिछले दो-तीन दिनों में यहां गुजरी संदिग्ध गाड़ियों और व्यक्तियों की पहचान की जा सके। इसके साथ ही पुलिस की टेक्निकल सेल की मदद से वारदात के समय उस पूरे इलाके में एक्टिव रहे मोबाइल नंबरों का डंप डेटा भी निकाला जा रहा है। डंप डेटा का मतलब होता है कि किसी खास समय पर उस टावर लोकेशन के दायरे में जितने भी मोबाइल फोन चालू थे, उन सबकी लिस्ट निकालकर संदिग्ध नंबरों की छंटनी करना। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना है, जिसके लिए हुलिया और तस्वीरें आसपास के सभी थानों में भेज दी गई हैं।