पटना। शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 4 को लेकर अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग मानते हुए PT और Mains की अलग-अलग परीक्षा कराने के फैसले को बदल दिया है। अब TRE 4 के लिए एकल परीक्षा आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को इसका ऐलान किया।
पटना में छात्र नेताओं और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में कुल 10 बिंदुओं पर लिखित सहमति बनी। सरकार के अनुमान के मुताबिक TRE 4 में करीब पांच लाख अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं। अभ्यर्थी 30 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अभ्यर्थियों की संख्या के आधार पर अक्टूबर में परीक्षा की तारीख घोषित की जाएगी। परीक्षा दिसंबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच आयोजित होने की संभावना है।

सरकार के अनुसार, यदि अभ्यर्थियों की संख्या छह लाख तक पहुंचती है तो परीक्षा दो दिनों में कराई जाएगी। वहीं, अभ्यर्थियों की संख्या छह लाख से कम रहने पर बिहार के सभी 38 जिलों में एक ही दिन परीक्षा आयोजित की जाएगी।

परीक्षा सुधार के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति

परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने पर भी सहमति बनी है। इस समिति की अध्यक्षता पटना हाईकोर्ट के एक जज करेंगे। इसके अलावा विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और विद्यार्थी सहयोग शिविर शुरू किए जाएंगे। छात्रों की शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर करने की व्यवस्था की जाएगी।

बैठक में BPSC की सभी परीक्षाएं तय समय पर कराने, खाली पदों पर जल्द लाइब्रेरियन भर्ती शुरू करने और अंक एवं अलग-अलग कोटे के निर्धारण के लिए हाईलेवल कमिटी बनाने पर भी सहमति बनी है। सभी भर्ती प्रक्रियाओं में अधिकतम स्तर पर डोमिसाइल नीति लागू करने की बात भी कही गई है। अधिकतम आयु सीमा का मुद्दा विशेषज्ञ कमिटी के सामने रखा जाएगा।

इसके अलावा सभी परीक्षाओं का नया कैलेंडर जारी कर उसका सख्ती से पालन करने तथा OMR और आंसर शीट को लेकर पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर सहमति बनी है।

पेपर लीक के बाद लिया गया था दो स्तरीय परीक्षा का फैसला

TRE 4 की परीक्षा को लेकर पहले PT और Mains यानी दो स्तरीय परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया था। यह फैसला TRE 1, TRE 2 और TRE 3 में पेपर लीक की घटनाओं के बाद EOU की ओर से दिए गए सुझाव के आधार पर लिया गया था। BPSC अधिकारियों का तर्क था कि दो स्तरीय परीक्षा व्यवस्था से पेपर लीक की संभावना को कम किया जा सकता है।

हालांकि, TRE 4 को लेकर अभ्यर्थियों के प्रदर्शन और एकल परीक्षा की मांग के बाद सरकार ने अब दो स्तरीय परीक्षा के बजाय एकल परीक्षा कराने का निर्णय लिया है। इससे परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।