बेगूसराय। जिले के डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर गांव में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के जिला सचिव के भाई रणधीर कुमार यादव की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे इलाके में भारी दहशत का माहौल है। पुलिस ने फोरेंसिक जांच और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
भागलपुर से चार दिन पहले घर लौटे थे शिक्षक
मृतक रणधीर कुमार यादव (50) पेशे से एक प्राइवेट शिक्षक थे और लंबे समय से भागलपुर के एक स्कूल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ चार दिन पहले ही छुट्टी पर अपने पैतृक घर आए थे। आगामी सोमवार को रक्षाबंधन के बाद उन्हें वापस अपनी ड्यूटी पर भागलपुर लौटना था, लेकिन उससे पहले ही इस बड़ी घटना को अंजाम दे दिया गया।
फोन कर बुलाया गया था बगीचे में
परिजनों के मुताबिक, गुरुवार की दोपहर जब रणधीर घर पर थे, तब उनके मोबाइल फोन पर किसी का कॉल आया। कॉलर ने उन्हें ताश खेलने के बहाने घर के पास ही स्थित एक बगीचे में बुलाया। घर से कुछ ही दूर जाने पर बदमाशों ने उनके पेट में दो, तथा सिर और छाती में एक-एक यानी कुल चार गोलियां दाग दीं। गोलियों की आवाज सुनकर जब तक आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब तक सभी हमलावर अंधेरे और सुनसान का फायदा उठाकर फरार हो चुके थे। मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
पुरानी रंजिश और आपराधिक एंगल पर पुलिस की जांच
सूचना मिलते ही डंडारी थाना पुलिस, बलिया डीएसपी और बेगूसराय एसपी मनीष घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। एफएसएल (FSL) की टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं और पुलिस ने वहां से तीन खोखे भी बरामद किए हैं।
मृतक के भाई और राजद जिला सचिव रणबीर कुमार यादव ने बताया कि मार्च महीने में उनकी दुकान पर आकर रंगदारी टैक्स की मांग की गई थी और न देने पर गोली चलाई गई थी। उन्होंने इस पूरी घटना को एक सोची-मझी साजिश करार दिया है।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) मनीष ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि रणधीर को बगीचे में ताश खेलने के लिए बुलाया गया था और वे लोग अब फरार हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, करीब एक साल पहले 21 जुलाई 2025 को राजोपुर गांव में हरेराम पासवान उर्फ हरिया की हत्या हुई थी, जिसमें रणधीर का नाम भी सामने आया था। हालांकि, पुलिस अनुसंधान में यह साबित हो गया था कि घटना के वक्त रणधीर भागलपुर स्थित अपने स्कूल में मौजूद थे, जिसके बाद उनका नाम मामले से हटा दिया गया था। पुलिस अब पुरानी रंजिश, मोबाइल कॉल डिटेल्स और अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहनता से तफ्तीश कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।


