लखनऊ. उत्तर प्रदेश में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं को लेकर सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के प्रदेश में 151 अंबेडकर प्रतिमाओं के खंडित किए जाने के दावे पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पलटवार किया है. पाठक ने सपा पर ही अंबेडकर की प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने और दलितों के उत्पीड़न के आरोप लगाए.
अखिलेश ने 72 जिलों के सर्वे का दिया था हवाला
अखिलेश यादव ने 20 सितंबर को दावा किया था कि सपा कार्यकर्ताओं के 72 जिलों में किए गए सर्वे में बाबा साहब की 151 प्रतिमाओं को खंडित किए जाने के मामले सामने आए हैं. उनके मुताबिक, बलिया में सबसे ज्यादा 9 मामले मिले, जबकि आजमगढ़ में 6, मथुरा में 5, वाराणसी में 4 और गोरखपुर में 2 मामले बताए गए. अखिलेश ने दावा किया कि 45 मामलों में अज्ञात के खिलाफ FIR हुई, 8 में नामजद मुकदमे दर्ज हुए और 14 मामलों में गिरफ्तारी हुई.
ब्रजेश पाठक ने सपा सरकार पर लगाया आरोप
ब्रजेश पाठक ने इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंबेडकर की सर्वाधिक प्रतिमाओं को खंडित करने का काम समाजवादी पार्टी की सरकार में हुआ था. उन्होंने सपा नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें “एक बार अपने बटन खोलकर अंदर झांकना चाहिए.” डिप्टी सीएम ने गोमती नगर में मायावती की प्रतिमा तोड़े जाने की पुरानी घटना का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इसे समाजवादी पार्टी से जुड़े लोगों ने तोड़ा था. उन्होंने सपा नेताओं को “मूर्ति भांजको गिरोह का सरगना” तक कह दिया.
दलितों पर अत्याचार को लेकर भी घेरा
ब्रजेश पाठक ने दावा किया कि दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान हुआ. उन्होंने कहा कि प्रदेश में मौजूदा सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के साथ काम कर रही है. उन्होंने यह भी दावा किया कि सपा अब प्रदेश की सत्ता में वापस नहीं आएगी.
राहुल गांधी की मिमिक्री पर भी दी प्रतिक्रिया
डिप्टी सीएम ने राहुल गांधी के एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां की मिमिक्री को निंदनीय बताया. उन्होंने कहा कि मां का स्थान भगवान के समान होता है. इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश की आय और बजट में बढ़ोतरी का दावा करते हुए सपा से उसके रुख पर सवाल किया.



